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हत्या में 18 साल बाद एक को उम्र कैद
ब्यूरो अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:42 PM IST
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कोर्ट
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कन्नौज। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने 18 साल पहले हुए हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को सजा सुनाई। पहले पक्ष के एक अभियुक्त को उम्र कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि दूसरे पक्ष के तीन लोगों को सात-सात साल कैद व दो-दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो चुकी है।
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शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि वादी थाना मीरपुर निवासी देशराज ने 7 सितंबर 1998 को सदर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि करीब एक माह पहले गांव के ही सुशील व गोपाल ने उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ की थी। इस पर उसका दोनाें से विवाद हो गया था। घटना वाले दिन सुशील व गोपाल उसी विवाद को लेकर शाम करीब 6 बजे उसके घर पहुंचे और गाली देने लगे।
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विरोध करते हुए उसने व चचेरे भाई राजीव ने दोनों को पकड़ना चाहा तो उन्होंने तमंचे से जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। गोली उसके चचेरे भाई राजीव के सीने में लग गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इसी मामले में दूसरे पक्ष की ओर से सुशील की मां भगवंता देवी ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि देशराज, सत्यपाल और दिनेश उसके बेटे व गोपाल को पीट रहे थे।
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वह दोनों को बचाने गई तो तीनों ने उसे भी मारापीटा और उसके ऊपर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया। गोली भगवंता देवी को लग गई। मेडिकल रिपोर्ट में भगवंता देवी के गोली उनके सीने में पाई गई। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि मामले की विवेचना तत्कालीन सदर निरीक्षक राम प्रकाश व महेश चंद्र को सौंपी गई थी। दोनों ने जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया।
दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों को मुक्त प्रहार का दोषी पाया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए सुशील को उम्र कैद व जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, दूसरे पक्ष के देशराज, सत्यपाल व दिनेश को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा व जुर्माना भरने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान एक अन्य आरोपी गोपाल की मौत हो चुकी है।