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कंटेनर की टक्कर से रिटायर्ड अध्यापक की मौत, बेटा घायल
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हादसे के बाद गमगीन खड़े परिजन। संवाद
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ (कन्नौज)। मैनपुरी के कस्बा बेवर में बैंक से रुपये निकालने के लिए जा रहे रिटायर्ड अध्यापक की बाइक में कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में रिटायर्ड अध्यापक की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे को गंभीर हालत में सौ शैया अस्पताल से कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया।
मैनपुरी जनपद के इंद्रपुर कैथोली निवासी रिटायर्ड शिक्षक राधेश्याम पाल (78) 27 दिसंबर को बेटे दलबीर शाक्य के घर भैनपुरा में आए थे। बुधवार को वे छोटे बेटे मेघनाथ (36) के साथ बाइक से बेवर में बैंक से पेंशन निकालने के लिए जा रहे थे। जैसे ही वे जीटी रोड पर प्रेमपुर के पास पहुंचे, तभी कंटेनर ने बाइक में टक्कर मार दी।
हादसे में राधेश्याम पाल व उनका बेटा मेघनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक चला रहे मेघनाथ ने हेलमेट पहना था। हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में ले लिया और दोनों घायलों को सौ शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद राधेश्याम पाल को फर्रुखाबाद व मेघनाथ को कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया। फर्रुखाबाद में राधेश्याम पाल की मौत हो गई। जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा परिजनों में कोहराम मच गया।
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मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए निकालने थे रुपये
बेटे के घर आए रिटायर्ड शिक्षक राधेश्याम पाल को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना था। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी। वे बेटे के साथ बेवर में बैंक से रुपये निकालने के लिए जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
भाजपा की रैली में न फंसती एंबुलेंस तो बच सकती थी जान
मृतक सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम शाक्य के पुत्र दिलीप सिंह शाक्य समेत अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की सलाह पर एंबुलेंस से पिता को फर्रुखाबाद ले जा रहे थे। उसी समय उधर से गुजर रही भाजपा की जन विश्वास यात्रा में जुटी भीड़ के कारण एंबुलेंस जाम में फंस गई। काफी देर तक एंबुलेंस नहीं निकल सकी और पिता को तय समय पर उपचार नहीं मिल सका। जाम के कारण उनके पिता की रास्ते में ही मौत हो गई।
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मैनपुरी जनपद के इंद्रपुर कैथोली निवासी रिटायर्ड शिक्षक राधेश्याम पाल (78) 27 दिसंबर को बेटे दलबीर शाक्य के घर भैनपुरा में आए थे। बुधवार को वे छोटे बेटे मेघनाथ (36) के साथ बाइक से बेवर में बैंक से पेंशन निकालने के लिए जा रहे थे। जैसे ही वे जीटी रोड पर प्रेमपुर के पास पहुंचे, तभी कंटेनर ने बाइक में टक्कर मार दी।
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हादसे में राधेश्याम पाल व उनका बेटा मेघनाथ गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक चला रहे मेघनाथ ने हेलमेट पहना था। हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में ले लिया और दोनों घायलों को सौ शैया अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद राधेश्याम पाल को फर्रुखाबाद व मेघनाथ को कानपुर के लिए रेफर कर दिया गया। फर्रुखाबाद में राधेश्याम पाल की मौत हो गई। जैसे ही उनका शव गांव पहुंचा परिजनों में कोहराम मच गया।
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मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए निकालने थे रुपये
बेटे के घर आए रिटायर्ड शिक्षक राधेश्याम पाल को मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराना था। इसके लिए रुपयों की जरूरत थी। वे बेटे के साथ बेवर में बैंक से रुपये निकालने के लिए जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।
भाजपा की रैली में न फंसती एंबुलेंस तो बच सकती थी जान
मृतक सेवानिवृत्त शिक्षक राधेश्याम शाक्य के पुत्र दिलीप सिंह शाक्य समेत अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि चिकित्सकों की सलाह पर एंबुलेंस से पिता को फर्रुखाबाद ले जा रहे थे। उसी समय उधर से गुजर रही भाजपा की जन विश्वास यात्रा में जुटी भीड़ के कारण एंबुलेंस जाम में फंस गई। काफी देर तक एंबुलेंस नहीं निकल सकी और पिता को तय समय पर उपचार नहीं मिल सका। जाम के कारण उनके पिता की रास्ते में ही मौत हो गई।
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