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बच्चों को महापुरुषों के बारे में नहीं जानकारी

Mon, 17 Apr 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज Updated Mon, 17 Apr 2017 11:46 PM IST
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Children do not know about great men
चंद्रशेखर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

महत्वपूर्ण पर्वों व जयंती पर स्कूलों में छुट्टी होने से बच्चों को महापुरुषों के बारे में जानकारी नहीं हो पाती। बच्चे महापुरुषों के जीवन संघर्ष व उनकी देश की आजादी व संघर्षों में उपयोगिता को खोते जा रहे है। 17 अप्रैल को अवकाश क्यों है। चंद्रशेखर आजाद की जयंती है अथवा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती इस पर छात्र छात्राओं में विरोधाभाष सा दिखाई दिया। बच्चे उन्हें पहचान भी नहीं पाए। शिक्षक विनय मिश्रा कहते हैं कि बच्चों को महापुरुषों के बारे में बताना जरूरी है। जिससे वह अपने देश को आजादी दिलाने वाले व पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर के बारे गहराई से जान सके।

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प्राथमिक स्कूल राजपुर के शिक्षक जीत सिंह कहते हैं कि जयंती पर अवकाश नहीं होना चाहिए। इस दिन बच्चों को जानकारी देनी चाहिए। उन्हें महापुरुषों के बारे में पता चल सके। आज पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती है लेकिन अवकाश है। बच्चे घर पर हैं वह कैसे जान सकेंगे कि कौन थे चंद्रशेखर।
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प्राथमिक विद्यालय किस्तियापुर के सहायक अध्यापक तेज सिंह कहते हैं कि बच्चों को महापुरुषों को जानकारी देना जरूरी है। जिससे वह आदर्शों को समझ सकें। महापुरुषों के बताए रास्ते पर चल सकें। बच्चे स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में भी कनफ्यूज हो जाते हैं। यह हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम बच्चों को जानकारी दें। इसके लिए अवकाश के दिन भी एक दो घंटे कार्यक्रम होना चाहिए। जिससे बच्चों को लाभ होगा। केजी कानवेंट के टीचर संदीप कुमार बताते हैं कि चंद्रशेखर आजाद और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के अंतर को समझने के लिए शिक्षकों को पहल करनी चाहिए। अवकाश के एक दिन पहले क्लास में कुछ जानकारी दी जा सकती है।
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किस्तियापुर गांव में कक्षा तीन में पढ़ने वाले पवन कुमार व सुनील दोनों पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर व चंद्रशेखर आजाद को जानते ही नहीं है। इसी गांव की कक्षा तीन की रश्मि व सुगंधा सिर्फ इतना बता सकीं कि आज छुट्टी है। स्कूल नहीं जाना है। इसी प्रकार राजपुर गांव में कक्षा आठ के छात्र दिलीप चंद्रशेखर नाम सुनते ही चंद्रशेखर आजाद को पहचान गया लेकिन वह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को नहीं जानता है। वह छुट्टी चंद्रशेखर आजाद के लिए बता रहा था।

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