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छिबरामऊ महोत्सव में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा

Wed, 30 Dec 2015 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज
अमर उजाला ब्यूरो कन्नौज Updated Wed, 30 Dec 2015 12:52 AM IST
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Chhibramau Festival All India poet Conference
छिबरामऊ महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा में ख्यातिलब्ध रचनाकारों ने एक से एक बेहतरीन रचनाएं सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया। कवि सम्मेलन एवं मुशायरा में हास्य व्यंग, गीत और गजल की रसधार पूरी रात बहती रही।
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डीएम अनुज कुमार झा ने दीप प्रज्वलन कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। गीतकार रामेंद्र त्रिपाठी की अध्यक्षता और शिवओम अंबर के संचालन में शुरू हुए कवि सम्मेलन में बलराम श्रीवास्तव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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लखनऊ के हास्य व्यंग कवि सर्वेश अस्थाना ने अपनी हास्य रचनाओं से खूब गुदगुदाया। नेताओं पर कटाक्ष करते हुए उनकी रचना ‘किसी गिरगिट की नेता से तुलना करना महापाप है क्योंकि रंग बदलने के मामले में नेता गिरगिट का बाप है’ काफी सराही गईं।
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 गीत के सशक्त हस्ताक्षर डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपने मुक्तकों से समां बांध दिया। उन्होंने ‘जमीन जल रही है, फिर भी चल रहा हूूं मैं, खिजां का वक्त है और फूल-फल रहा हूं मैं, हर तरफ आंधियां हैं नफरतों की मैं फिर भी, दिया हूं प्यार का हिम्मत से जल रहा हूं मैं’गीत सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।



मुंबई की शायरा अंजुम रहबर ने ‘एक बार के मिलने को जो प्यार समझते हैं’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। लोक कवि फारूक ‘सरल’ ने लोक संस्कृति से जुड़े कई गीत प्रस्तुत किए। उनकी रचना ‘बताओ रमजानी अब का करियो, चली गई प्रधानी अब का करियो’ पर जमकर ठहाके लगे।



अध्यक्षता कर रहे गीतकार रामेंद्र त्रिपाठी ने ‘हादसों में हौसला लेकर चलो, जब चलो कुछ फैसला लेकर चलो, जाने कब हो जाए किससे दुश्मनी, दोस्ती में फासला लेकर चलो’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। कवि ओमप्रकाश शुक्ल ‘अज्ञात’ की रचना ‘भूगोल रौंदने वालों का इतिहास नहीं होता’ सराही गई।



गीतकार बलराम श्रीवास्तव की रचना ‘मन के ऋषिकेश में रहकर और गंगाजल पीता हूं, प्यार की गागर भरी हुई है कभी राह न रीता हूं’। इसके अलावा कई अन्य रचनाएं सुनाईं। संचालन कर रहे शिवओम अंबर ने शासन-प्रशासन और नेताशाही पर तंज कसे। उनकी रचना ‘कीमत बढ़ गई बाजार में धान की, फिर भी विदा नहीं हो सकी बेटी किसान की’ सराही गई।



कार्यक्रम में जिलाधिकारी के अलावा उपजिलाधिकारी महेशप्रसाद दीक्षित, सीओ वीपी सिंह सोलंकी, कोतवाल आरपी पांडेय के अलावा आयोजन समिति के सदस्य समेत काफी लोग मौजूद रहे।
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