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Kannauj News: मोटर ट्रेनिंग स्कूल में बिना प्रशिक्षण चालकों को प्रमाणपत्र

Fri, 15 Nov 2024 01:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2024 01:05 AM IST
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Certificate to drivers without training in motor training school
कन्नौज। चालकों को बिना प्रशिक्षण दिए मोटर ट्रेनिंग स्कूल संचालक 1500 में अस्थाई व दो हजार रुपये में स्थाई प्रमाण पत्र जारी कर देते है। कई स्कूल मानक भी पूरा नहीं कर रहे है। उनके पास कागजों में ही प्रशिक्षक की तैनाती है। जनपद में वाहन सिखाने के लिए ट्रैक भी नहीं है।
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एआरटीओ कार्यालय में टीवीटी लाइसेंस (भारी वाहन लाइसेंस) जारी करने से पहले आवेदक को एक माह का मोटर ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देना होता है। प्रशिक्षण प्रमाण पत्र लगाने पर ही कार्यालय से चालक को टीवीटी लाइसेंस जारी किया जाता है। जिले में पांच मोटर ट्रेनिंग स्कूल है पर अधिकांश में ट्रैक के मानक पूरे नहीं है। यहां प्रशिक्षक कागजों में ही तैनात है। उपस्थित रजिस्टर में पूरे माह की एंट्री की जाती है। उपस्थित रजिस्टर की प्रतिलिपि भी टीवीटी लाइसेंस के लिए कार्यालय के प्रपत्र में लगाई जाती है।
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एक माह के प्रशिक्षण में 15 दिन मोटर ट्रेनिंग स्कूल में सिमलेटर मशीन पर गेयर डालना, स्टेयरिंग पकड़ना, क्लच दबाना सिखाया जाता है। यातायात नियमों के चिह्न के बारे में जानकारी देने का नियम है। 15 दिन मार्ग पर वाहन चलाना सिखाने का नियम है। आरआई जितेंद्र सिंह का कहना है कि जिले में पांच मोटर ट्रेनिंग स्कूल संचालित है। वर्ष में एक बार स्कूलों का निरीक्षण कर मानकों की जांच की जाती है। प्रशिक्षण देने के लिए जिले में कहीं ट्रैक नहीं है। विभिन्न मार्ग पर ही प्रशिक्षण दिया जाता है। एआरटीओ प्रशासन इज्या तिवारी का कहना है कि मोटर ट्रेनिंग स्कूल का मानीटरिंग मुख्यालय स्तर से की जा रही है। आठ महीने पहले पांचों स्कूलों को निरीक्षण किया गया था। इसमें कई खामियां मिली थी। स्कूल संचालकों को सुधार करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद ही उनका नवीनीकरण किया गया था।
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मोटर ट्रेनिंग स्कूल के मानक

-दो कमरे 300 वर्गमीटर के

-150 वर्गमीटर का आफिस



-180 वर्गमीटर के कमरे में सिमलेटर मशीन लगी हो



-आईटीआई किए हुए प्रशिक्षक की तैनाती होनी चाहिए

-स्कूल में पंजीकृत वाहन की फिटनेस प्रत्येक वर्ष कराई जाए

-वाहन पर स्कूल का नाम आगे व पीछे लिखा हो



12 हजार में दलाल बनवाते हैं ट्रांसपोर्ट लाइसेंस



एआरटीओ कार्यालय के बाहर बैठे दलाल आवेदक चालक से आठ से दस हजार हजार रुपये में ट्रांसपोर्ट लाइसेंस बनवाने का सौदा करते है। इसमें सरकारी फीस अस्थाई की 1500 रुपये, स्थायी की एक हजार रुपये है। मोटर ट्रेनिंग स्कूल का अस्थाई प्रमाण पत्र 1500 रुपये, स्थायी प्रमाण पत्र दो हजार रुपये में मिलता है। दो हजार रुपये कार्यालय के खर्चे के नाम पर लिए जाते हैं। बाकी रुपये दलाल का मेहनताना हो जाता है।


पूरे साल नहीं होता है निरीक्षण

शासन मोटर ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण के लिए गंभीर है। अधिकारियों की मिलीभगत के कारण मानक विहीन मोटर ट्रेनिंग स्कूल चल रहे है। पूरे वर्ष में एक बार मोटर ट्रेनिंग स्कूल का आरआई व एआरटीओ निरीक्षण करते है और उसकी रिपोर्ट मुख्यालय में भेज देते है।
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