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एक डॉक्टर के सहारे चल रहा बीडी अस्पताल, कई कमरों में लगा ताला

Sat, 26 Feb 2022 11:35 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 11:35 PM IST
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BD hospital running with the help of a doctor, lock in many rooms
गुरसहायगंज (कन्नौज)। कस्बे में बीड़ी श्रमिकों के लिए बना अस्पताल खुद बीमार है। अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों की कमी और दवाओं का टोटा है।
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डीजल का भुगतान नहीं होने से मोबाइल वैन भी खड़ी रहती है। मरीजों को बाहर से इलाज करना पड़ता है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 1994 में बीड़ी कारीगरों को क्षय रोग से बचाने के लिए गोपाल नगर में बीड़ी श्रमिक चिकित्सालय बनवाया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री सलमान खुर्शीद ने किया था। अस्पताल में डॉक्टर के चार, नर्स के दो और वार्ड ब्वाय के तीन पद हैं। इस समय एक डॉक्टर, एक नर्स और वार्ड ब्वाय ही तैनात है। एक्स-रे ऑपरेटर ना होने से कई वर्षों से एक्सरे रूम में ताला पड़ा है। डॉक्टरों के रूम में ताले लगे रहते हैं।
अस्पताल में 10 हजार बीडी श्रमिक पंजीकृत हैं। डॉक्टरों की कमी और सुविधाओं के अभाव में श्रमिकों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
दवा लेने आए मोहल्ला अफसरी निवासी शाहिद, किदवई नगर की मीरा, साजिद, अक्टूबर, गांधीनगर के फैयाज ने बताया कि स्टाफ नर्स दवा देती है। रही है। गंभीर मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता है।
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मुख्यालय को लिखी हैं चिट्टियां
अस्पताल प्रभारी डॉ अजय कुमार ने बताया कि छह महीना पहले से नियुक्ति हुई है। यहां से स्टाफ की कमी को लेकर इलाहाबाद मुख्यालय को कई बार चिट्ठियां लिखी हैं लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं आया। दवाओं की भी कमी बनी रहती है।
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