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बंदर ने जिला अस्पताल में मचाया उत्पात, चार नर्सों को काटा
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जिला अस्पताल में बंदर के आतंक से ओपीडी से गायब मरीज व कक्ष बंद कर बैठे डॉक्टर।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिला अस्पताल में बंदर ने जमकर उत्पात मचाया। बंदर ने मरीजों को दौड़ा लिया। चार स्टाफ नर्सों को काटकर घायल कर दिया। बंदर के आतंक से ओपीडी में बैठे डॉक्टर ने दरवाजे बंद कर लिए। मरीजों को जहां जगह मिली, छिपकर जान बचाई। एक घंटे तक उत्पात मचाने के बाद वह एक युवक के साथ अस्पताल से चला गया।
शनिवार दोपहर एक बंदर जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंच गया। गेट पर धरना दे रहे कर्मचारियों के बीच पहुंचकर महिला कर्मचारियों के कपड़े काटने लगा। इससे धरने पर बैठे कर्मचारियों ने भाग कर जान बचाई। इसके बाद वह अस्पताल के ओपीडी हाल में पहुंचा। यहां महिला मरीजों को काटने का प्रयास करने लगा। इससे मरीजों में हंगामा मच गया। बंदर का उत्पात देख डॉक्टरों ने ओपीडी कक्ष बंद कर लिए। मरीज भी जिला अस्पताल से भाग निकले। बंदर कभी पहली मंजिल तो कभी सीढ़ियों से नीचे उतरकर मरीजों को परेशान करता रहा।
बंदर का उत्पात देखने के बाद भी किसी ने न तो वन विभाग और न ही नगरपालिका को जानकारी दी। बंदर एक घंटे तक अस्पताल में मरीजों को दौड़ाता रहा। महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशान किया। स्टाफ नर्स नूरबानो, जयंती, मनोरमा समेत कई अन्य स्टाफ नर्सों को काटने के बाद उसने मरीजों पर भी हमला किया। बताया जाता है कि बंदर किसी का पालतू था। वह किसी तरह से छूटकर अस्पताल पहुंच गया। कई लोगों को काटने से अस्पताल में होने के बाद भी मालिक ने उसे पकड़ने की कोशिश नहीं की। बाद में बंदर एक युवक के पीछे-पीछे चला गया।
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शनिवार दोपहर एक बंदर जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंच गया। गेट पर धरना दे रहे कर्मचारियों के बीच पहुंचकर महिला कर्मचारियों के कपड़े काटने लगा। इससे धरने पर बैठे कर्मचारियों ने भाग कर जान बचाई। इसके बाद वह अस्पताल के ओपीडी हाल में पहुंचा। यहां महिला मरीजों को काटने का प्रयास करने लगा। इससे मरीजों में हंगामा मच गया। बंदर का उत्पात देख डॉक्टरों ने ओपीडी कक्ष बंद कर लिए। मरीज भी जिला अस्पताल से भाग निकले। बंदर कभी पहली मंजिल तो कभी सीढ़ियों से नीचे उतरकर मरीजों को परेशान करता रहा।
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बंदर का उत्पात देखने के बाद भी किसी ने न तो वन विभाग और न ही नगरपालिका को जानकारी दी। बंदर एक घंटे तक अस्पताल में मरीजों को दौड़ाता रहा। महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशान किया। स्टाफ नर्स नूरबानो, जयंती, मनोरमा समेत कई अन्य स्टाफ नर्सों को काटने के बाद उसने मरीजों पर भी हमला किया। बताया जाता है कि बंदर किसी का पालतू था। वह किसी तरह से छूटकर अस्पताल पहुंच गया। कई लोगों को काटने से अस्पताल में होने के बाद भी मालिक ने उसे पकड़ने की कोशिश नहीं की। बाद में बंदर एक युवक के पीछे-पीछे चला गया।
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