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पित्ताशय की पथरी में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम करें : डॉ. आकाश

Sun, 03 Aug 2025 11:46 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Aug 2025 11:46 PM IST
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Balanced diet and regular exercise for gallstones: Dr. Akash
तिर्वा। भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ती खानपान की आदतें पित्ताशय की पथरी जैसी गंभीर बीमारियों को तेजी से बढ़ावा दे रही हैं। राजकीय मेडिकल काॅलेज में पित्ताशय की पथरी के मरीजों का लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन होने लगा है। अब तक मेडिकल कॉलेज में 20 मरीजों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में अब लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन होने लगा है। सर्जरी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. आकाश वर्मा ने बताया कि पहले यह बीमारी बुजुर्गों में थी। अब 30 से 40 वर्ष की उम्र के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अतहर की निगरानी में बुधवार को एक युवती के स्तन की गांठ का लेप्रोस्कोपी से सफल ऑपरेशन किया गया। मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को लगातार इलाज की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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इलाज के आधुनिक विकल्प
डॉ. आकाश वर्मा ने बताया कि पित्ताशय की पथरी के इलाज के लिए दवाइयों का सीमित उपयोग संभव है पर प्रभावी और स्थायी समाधान लेप्रोस्कोपिक सर्जरी है। इस तकनीक में पेट में छोटे-छोटे चीरे लगाकर पित्ताशय को निकाला जाता है। इससे मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है और अस्पताल में कम समय बिताना पड़ता है। कुछ गंभीर मामलों में ओपन सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।
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पित्ताशय की पथरी



पित्ताशय लीवर के नीचे स्थित एक छोटा-सा थैलीनुमा अंग होता है, जो पित्त रस को संग्रहित करता है। यह रस वसा के पाचन में सहायक होता है, जब इस रस में कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम या बिलीरुबिन की मात्रा असामान्य हो जाती है, तो यह जमकर पथरी का रूप ले लेती है। पथरी का आकार रेत के कण से लेकर गोल्फ बॉल जितना हो सकता है।

ये हैं प्रमुख कारण

डॉ. आकाश वर्मा ने बताया कि अधिक कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, अचानक वजन घटना, तला-भुना और कम फाइबर युक्त भोजन, आनुवांशिकता और महिलाओं में हार्मोनल बदलाव इसके प्रमुख कारण हैं।



लक्षण जो करते सतर्क



शुरुआत में यह बीमारी बिना लक्षणों के रहती है, लेकिन जब पथरी पित्त नली में फंस जाती है। पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द, मिचली, उल्टी, गैस, अपच, बुखार और कभी-कभी पीलिया जैसे लक्षण सामने आते हैं। यह दर्द खासतौर पर वसायुक्त भोजन के बाद बढ़ जाता है।




रोकथाम है संभव



विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, भरपूर पानी का सेवन और वजन को नियंत्रित रखकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। अचानक वजन घटाने से बचना चाहिए।
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