{"_id":"605a20588ebc3ee64a356218","slug":"ab-saas-bahu-nahi-maa-beti-bolo-kannauj-news-knp61947903","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सास-बहू नहीं, मां-बेटी बोलो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब सास-बहू नहीं, मां-बेटी बोलो
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कन्नौज। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बाल विवाह रोकने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं को आगे आने की सलाह दी। वहीं दहेज के खात्मे के लिए कहा कि समाज में लोग सास-बहू बोलते हैं, मेरा मानना है कि अब सास-बहू नहीं मां-बेटी बोलना चाहिए। मां-बेटी का भाव होगा तो दहेज खुद खत्म हो जाएगा।
राज्यपाल ने यह बात सर्किट हाउस में महिला समूहों से पारिवारिक व सामाजिक बदलाव के बारे में जानने के बाद कही। महिलाएं घर के बारे में पूछने पर जवाब देते वक्त सास-बहू रिश्ते का हवाला दे रही थीं। राज्यपाल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि जब तक अपनी बेटी और दूसरे की बेटी में फर्क करेंगी, दहेज उत्पीड़न खत्म नहीं हो सकता। जरूरी है कि सभी लोग सास-बहू कहना छोड़कर मां-बेटी कहें। उन्होंने क्षय रोग समिति के सदस्यों, रोटरी, लायंस व अन्य एनजीओ के साथ बैठक की। क्षय रोग नियंत्रण के लिए बड़े एनजीओ, व्यापारियों, डिग्री कालेजों व अन्य बड़े विद्यालयों के रोगियों को गोद लेने की मुहिम तेज करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने किसानों से जैविक खाद का प्रयोग करने, सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर आय दोगुनी करने के लिए कहा। इस मौके पर पूर्व मंत्री अर्चना पांडेय भी रहीं।
राज्यपाल आनंदीबेन ने पांच स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, पांच कृषक उत्पादक संगठनों, पांच क्षय रोग में अच्छा योगदान देने वाले स्वयं सहायता समूहों, पांच आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों और पांच प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को स्मृति चिह्न और शाल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के स्टाल का अवलोकन भी किया।
विज्ञापन
एफएफडीसी(सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र ) परिसर में राज्यपाल ने कोकोनट पॉम का पौधा लगाया। उन्होंने हर्बल टी पीकर तारीफ की। राज्यपाल ने निदेशक शक्ति विनय शुक्ल से केंद्र के जरिए महिलाओं, छात्रों को प्रशिक्षण की बाबत जानकारी की। उन्होंने कई तरह की सुगंधित पत्तियों और फूलों को देखा। इनकी सुगंध महसूस की।
राज्यपाल ने डीएम राकेश कुमार मिश्र से कोरोना वैक्सीनेशन की जानकारी ली। डीएम ने बताया कि करीब 90 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। राज्यपाल ने आसपास मौजूद महिलाओं से पूछा कि वैक्सीनेशन हुआ कि नहीं। महिलाएं पहले समझ नहीं पाईं। उन्हें बताया गया कि टीकाकरण को लेकर पूछा रहा है, तब कहा कि हां लग गया।
राज्यपाल के नगर में आने से लेकर जाने तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पुलिस लाइन के पास लगे बैरियर के पास जिले के एक अफसर को रोक दिया गया। वह अपना कार्ड नहीं दिखा सके। उनके पास सर्किट हाउस में व्यवस्था की निगरानी का अहम दायित्व था। बाद में एसडीएम सदर के फोन करने पर जाने दिया गया। वहीं अन्ना मवेशी को सड़क पर आने से रोकने के लिए नगर पालिका के कर्मचारी डंडों के साथ जगह-जगह खड़े किए गए थे। कुछ ऐसे लोगों को बैरियर के पास लगी पुलिस ने रोक दिया। कार्ड न होने से नहीं जाने दिया गया।
विज्ञापन
राज्यपाल ने यह बात सर्किट हाउस में महिला समूहों से पारिवारिक व सामाजिक बदलाव के बारे में जानने के बाद कही। महिलाएं घर के बारे में पूछने पर जवाब देते वक्त सास-बहू रिश्ते का हवाला दे रही थीं। राज्यपाल ने उन्हें टोकते हुए कहा कि जब तक अपनी बेटी और दूसरे की बेटी में फर्क करेंगी, दहेज उत्पीड़न खत्म नहीं हो सकता। जरूरी है कि सभी लोग सास-बहू कहना छोड़कर मां-बेटी कहें। उन्होंने क्षय रोग समिति के सदस्यों, रोटरी, लायंस व अन्य एनजीओ के साथ बैठक की। क्षय रोग नियंत्रण के लिए बड़े एनजीओ, व्यापारियों, डिग्री कालेजों व अन्य बड़े विद्यालयों के रोगियों को गोद लेने की मुहिम तेज करने पर जोर दिया। राज्यपाल ने किसानों से जैविक खाद का प्रयोग करने, सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर आय दोगुनी करने के लिए कहा। इस मौके पर पूर्व मंत्री अर्चना पांडेय भी रहीं।
विज्ञापन
राज्यपाल आनंदीबेन ने पांच स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, पांच कृषक उत्पादक संगठनों, पांच क्षय रोग में अच्छा योगदान देने वाले स्वयं सहायता समूहों, पांच आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों और पांच प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को स्मृति चिह्न और शाल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के स्टाल का अवलोकन भी किया।
विज्ञापन
एफएफडीसी(सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र ) परिसर में राज्यपाल ने कोकोनट पॉम का पौधा लगाया। उन्होंने हर्बल टी पीकर तारीफ की। राज्यपाल ने निदेशक शक्ति विनय शुक्ल से केंद्र के जरिए महिलाओं, छात्रों को प्रशिक्षण की बाबत जानकारी की। उन्होंने कई तरह की सुगंधित पत्तियों और फूलों को देखा। इनकी सुगंध महसूस की।
राज्यपाल ने डीएम राकेश कुमार मिश्र से कोरोना वैक्सीनेशन की जानकारी ली। डीएम ने बताया कि करीब 90 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। राज्यपाल ने आसपास मौजूद महिलाओं से पूछा कि वैक्सीनेशन हुआ कि नहीं। महिलाएं पहले समझ नहीं पाईं। उन्हें बताया गया कि टीकाकरण को लेकर पूछा रहा है, तब कहा कि हां लग गया।
राज्यपाल के नगर में आने से लेकर जाने तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पुलिस लाइन के पास लगे बैरियर के पास जिले के एक अफसर को रोक दिया गया। वह अपना कार्ड नहीं दिखा सके। उनके पास सर्किट हाउस में व्यवस्था की निगरानी का अहम दायित्व था। बाद में एसडीएम सदर के फोन करने पर जाने दिया गया। वहीं अन्ना मवेशी को सड़क पर आने से रोकने के लिए नगर पालिका के कर्मचारी डंडों के साथ जगह-जगह खड़े किए गए थे। कुछ ऐसे लोगों को बैरियर के पास लगी पुलिस ने रोक दिया। कार्ड न होने से नहीं जाने दिया गया।