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किसी भी हालत में बंद न करें आंगनबाड़ी केंद्र
Kannauj
Updated Sun, 09 Nov 2014 05:30 AM IST
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कन्नौज। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक आनंद कुमार सिंह ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिए है कि शासन से निर्धारित समय पर कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र बंद नहीं मिलना चाहिए।
निदेशक ने भेजे पत्र में लिखा है कि देखा जा रहा है कि आंगनबाड़ी सहायिकाएं और कार्यकत्रीअन्य कार्य में ड्यूटी लगी होने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर देती हैं। केंद्र बंद रहने से लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित हो जाते हैं। उन्होंने डीपीओ को निर्देश दिए है कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों को खुलवाकर उनका संचालन कराना सुनिश्चित कराएं। केंद्र संचालन का समय पूर्ण होने के बाद ही कार्यकत्री या सहायिका अन्य कार्य में सहयोग देने जाएं। किसी भी हालत में यदि आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने बताया कि डायरेक्टर का पत्र मिल गया है। आठों ब्लाकों व नगर क्षेत्र की सीडीपीओ को जानकारी दे दी गई है। उन्हें केंद्रों का निरीक्षण करके सुधार कराने व शासन के फरमान से कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को भी अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। वह खुद भी केंद्र चेक कर बंद मिलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुधार लाने के लिए सख्त कदम उठाएंगे। छिबरामऊ, सदर व तिर्वा के तहसीलदार, संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों, सभी ब्लाकों के बीडीओ को पत्र जारी कर दिया है। इन अफसरों से कहा है कि भविष्य में वे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिका के पदीय दायित्वों के अतिरिक्त अन्य शासकीय कार्यों में उनका सहयोग इस प्रकार लेने को कहा है जिससे आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित न हो।
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निदेशक ने भेजे पत्र में लिखा है कि देखा जा रहा है कि आंगनबाड़ी सहायिकाएं और कार्यकत्रीअन्य कार्य में ड्यूटी लगी होने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर देती हैं। केंद्र बंद रहने से लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित हो जाते हैं। उन्होंने डीपीओ को निर्देश दिए है कि वे नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों को खुलवाकर उनका संचालन कराना सुनिश्चित कराएं। केंद्र संचालन का समय पूर्ण होने के बाद ही कार्यकत्री या सहायिका अन्य कार्य में सहयोग देने जाएं। किसी भी हालत में यदि आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार बघेल ने बताया कि डायरेक्टर का पत्र मिल गया है। आठों ब्लाकों व नगर क्षेत्र की सीडीपीओ को जानकारी दे दी गई है। उन्हें केंद्रों का निरीक्षण करके सुधार कराने व शासन के फरमान से कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को भी अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। वह खुद भी केंद्र चेक कर बंद मिलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुधार लाने के लिए सख्त कदम उठाएंगे। छिबरामऊ, सदर व तिर्वा के तहसीलदार, संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों, सभी ब्लाकों के बीडीओ को पत्र जारी कर दिया है। इन अफसरों से कहा है कि भविष्य में वे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिका के पदीय दायित्वों के अतिरिक्त अन्य शासकीय कार्यों में उनका सहयोग इस प्रकार लेने को कहा है जिससे आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित न हो।
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