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प्रोजेक्ट आइना के आयोजन में खानापूरी
Kannauj
Updated Sun, 14 Sep 2014 05:31 AM IST
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कन्नौज। महीने के दूसरे रविवार को थानों में आयोजित होने वाले प्रोजेक्ट आइना के प्रति थानेदार और कोतवाल रुचि नहीं ले रहे हैं। इस पर एसपी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने थाना-कोतवाली प्रभारियों को पत्र भेजकर लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है।
एसपी एके जैन ने भेजे पत्र में कहा है कि अक्सर देखने में आ रहा है कि प्रभारी निरीक्षक व थानेदार प्रोजेक्ट आइना के कार्यक्रम में केवल खानापूरी कर रहे हैं। गंभीर अपराधों में वादी के पक्ष को नहीं सुना जा रहा है। पूर्व की भांति हस्तक्षेपीय अपराधों की प्रथम सूचना रिपोर्ट, एनसीआर व अन्य प्रार्थनापत्रों के 30 निस्तारित व 30 लंबित मामलों में वादी पक्ष को बुलाया जाए। संबंधित बीट के उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी व सिपाहियों को भी पूरे मामले की जानकारी होनी चाहिए। एसपी ने निर्देश दिए हैं कि 14 सितंबर को थाने में प्रोजेक्ट आइना का सही तरीके से क्रियांवयन किया जाए। कौन अधिकारी किस थाने पर मौजूद रहेगा, इसके लिए उपस्थिति रजिस्टर बनाकर हाजिरी दर्ज करें। कम से कम 10-10 एनसीआर, एफआईआर प्रार्थनापत्र निस्तारित कराए जाएं व लंबित मामलों के वादी को थाने बुलाकर अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए। विवेचक, बीट उप निरीक्षक, बीट सिपाही व आईपीसी की किताब के साथ मौजूद रहें, ताकि पता चले कि वे जो कार्रवाई कर रहे हैं वह सही है या नहीं। कार्यक्रम आयोजन के बाद आख्या 15 सितंबर को सुबह 10 बजे तक हर हाल में भेजने की हिदायत दी गई है। एएसपी और सीओ को भी प्रोजेक्ट आइना के बेहतर ढंग से आयोजन कराने के लिएं जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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एसपी एके जैन ने भेजे पत्र में कहा है कि अक्सर देखने में आ रहा है कि प्रभारी निरीक्षक व थानेदार प्रोजेक्ट आइना के कार्यक्रम में केवल खानापूरी कर रहे हैं। गंभीर अपराधों में वादी के पक्ष को नहीं सुना जा रहा है। पूर्व की भांति हस्तक्षेपीय अपराधों की प्रथम सूचना रिपोर्ट, एनसीआर व अन्य प्रार्थनापत्रों के 30 निस्तारित व 30 लंबित मामलों में वादी पक्ष को बुलाया जाए। संबंधित बीट के उप निरीक्षक, मुख्य आरक्षी व सिपाहियों को भी पूरे मामले की जानकारी होनी चाहिए। एसपी ने निर्देश दिए हैं कि 14 सितंबर को थाने में प्रोजेक्ट आइना का सही तरीके से क्रियांवयन किया जाए। कौन अधिकारी किस थाने पर मौजूद रहेगा, इसके लिए उपस्थिति रजिस्टर बनाकर हाजिरी दर्ज करें। कम से कम 10-10 एनसीआर, एफआईआर प्रार्थनापत्र निस्तारित कराए जाएं व लंबित मामलों के वादी को थाने बुलाकर अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए। विवेचक, बीट उप निरीक्षक, बीट सिपाही व आईपीसी की किताब के साथ मौजूद रहें, ताकि पता चले कि वे जो कार्रवाई कर रहे हैं वह सही है या नहीं। कार्यक्रम आयोजन के बाद आख्या 15 सितंबर को सुबह 10 बजे तक हर हाल में भेजने की हिदायत दी गई है। एएसपी और सीओ को भी प्रोजेक्ट आइना के बेहतर ढंग से आयोजन कराने के लिएं जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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