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सैकड़ों गांवों में अभी कायम रहेगा अंधेरा
Kannauj
Updated Sun, 14 Sep 2014 05:31 AM IST
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कन्नौज। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना फेज टू धड़ाम हो गई है। इस कारण जिले के सैकड़ों गांवों के लोगों को बिजली की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इंजीनियरों व ठेकेदारों की लापरवाही के कारण परेशानी झेलने को मजबूर जनता अफसरों को कोसकर भड़ास निकाल रही है। वहीं विद्युतीकरण में हो रही देरी पर अधिशासी अभियंता विद्युत ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कार्यदाई संस्था की ओर से हो रही लेटलतीफी के लिए डीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की है।
फेज टू में जिले के 822 मजरों का विद्युतीकरण होना है। मार्च 2015 तक कार्य पूर्ण होने का ख्वाब चकनाचूर हो गया है। वजह एक साल से भी ज्यादा वक्त बीत जाने के बावजूद अब तक मात्र 152 गांव ही सरकारी रिकार्ड में विद्युतीकृत हो सके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की मेहरबानी से जिले को मिल रही 24 घंटे बिजली की सुविधा से सैकड़ों गांव के लोग वंचित हो रहे हैं।
अधिशासी अभियंता पी. राम ने डीएम को भेजे पत्र में लिखा है कि छानबीन में पता चला है कि मौजूदा समय में मात्र नौ टीमें ही विद्युतीकरण कार्य कर रही हैं। इस कारण तय लक्ष्य के अनुसार समस्त गांवों का समय से विद्युतीकरण होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। कम से कम 25 टीमें लगाकर नियमित रूप से कार्य कराया जाए, तब कहीं जाकर विद्युतीकरण में तेजी आ सकेगी। कछुआ गति से चल रहे विद्युतीकरण कार्य का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर 2013 के बाद मात्र 83 गांवों का ही विद्युतीकरण हो सका है, जो लक्ष्य के सापेक्ष ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
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एक्सईएन के अनुसार दिसंबर 2014 तक 765 मजरों का हर हाल में विद्युतीकरण हो जाना चाहिए, लेकिन ऐसा कर पाने में कार्यदाई संस्था मेसर्स एसपी ब्राइट लाइट राधाकुटी एलेनगंज फेल होती नजर आ रही है। मौखिक व लिखित रूप से बार-बार निर्देश व चेतावनी देने के बावजूद कार्यदाई फर्म तेजी नहीं ला रही है। इस कारण गांव के लोगों को बिजली सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग के उच्चाधिकारियों की तरफ से भी पत्र भिजवाने पर भी काम में तेजी नहीं आ रही है।
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इंसेट
कराए गए कामों में निकल रहीं कमियां
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता पी. राम के अनुसार जिन 152 गांवों में विद्युतीकरण पूर्ण किया गया है, वहां पर अभी से तमाम खामियां उजागर होने लगी हैं। एबीसी केबिल लगाने में लापरवाही बरती गई है। ट्रांसफार्मरों की कमी है। कई जगह ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, लेकिन समय से उन्हें बदला नहीं जाता है। कई जगह पोल क्षतिग्रस्त पड़े हैं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा। बीपीएल कनेक्शन देने में भी आनाकानी की जा रही है। कमियों का ब्यौरा उन्होंने मुख्य क्षेत्रीय अभियंता (वितरण) कानपुर क्षेत्र, अधीक्षण अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि. फर्रुखाबाद को भी अवगत कराया गया है।
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जनप्रतिनिधि भी जता चुके नाराजगी
विद्युतीकरण कार्य में तेजी का मुद्दा जिले के प्रभारी मंत्री अहमद हसन की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई जिला योजना की बैठक में जोरशोर से उठा था। तब पूर्व ब्लाक प्रमुख, कई जिला पंचायत सदस्यों समेत विधायक ने भी काम में सुस्ती पर चिंता जताई थी। मंत्री ने डीएम को संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद उम्मीद थी कि विद्युतीकरण कार्य में तेजी आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लापरवाही बरतने का सिलसिला जस का तस जारी है।
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चिट्ठी पर चिट्ठी पर कार्रवाई नहीं
विद्युतीकरण में हीलाहवाली कर रही संस्था को चिट्ठी पर चिट्ठी भेजी जा रही हैं, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हो रही। इसीलिए लापरवाही बरतने वाले बेलगाम हो गए हैं। अफसर सिर्फ लिखापढ़ी कर कागजी कोरम पूरा करने में जुटे हैं, जिससे जनता को अंधेरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अनुज मिश्र कक्का कहते हैं कि विद्युतीकरण कार्य में देरी की जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
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फेज टू में जिले के 822 मजरों का विद्युतीकरण होना है। मार्च 2015 तक कार्य पूर्ण होने का ख्वाब चकनाचूर हो गया है। वजह एक साल से भी ज्यादा वक्त बीत जाने के बावजूद अब तक मात्र 152 गांव ही सरकारी रिकार्ड में विद्युतीकृत हो सके हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की मेहरबानी से जिले को मिल रही 24 घंटे बिजली की सुविधा से सैकड़ों गांव के लोग वंचित हो रहे हैं।
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अधिशासी अभियंता पी. राम ने डीएम को भेजे पत्र में लिखा है कि छानबीन में पता चला है कि मौजूदा समय में मात्र नौ टीमें ही विद्युतीकरण कार्य कर रही हैं। इस कारण तय लक्ष्य के अनुसार समस्त गांवों का समय से विद्युतीकरण होने के आसार नहीं नजर आ रहे हैं। कम से कम 25 टीमें लगाकर नियमित रूप से कार्य कराया जाए, तब कहीं जाकर विद्युतीकरण में तेजी आ सकेगी। कछुआ गति से चल रहे विद्युतीकरण कार्य का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर 2013 के बाद मात्र 83 गांवों का ही विद्युतीकरण हो सका है, जो लक्ष्य के सापेक्ष ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।
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एक्सईएन के अनुसार दिसंबर 2014 तक 765 मजरों का हर हाल में विद्युतीकरण हो जाना चाहिए, लेकिन ऐसा कर पाने में कार्यदाई संस्था मेसर्स एसपी ब्राइट लाइट राधाकुटी एलेनगंज फेल होती नजर आ रही है। मौखिक व लिखित रूप से बार-बार निर्देश व चेतावनी देने के बावजूद कार्यदाई फर्म तेजी नहीं ला रही है। इस कारण गांव के लोगों को बिजली सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विभाग के उच्चाधिकारियों की तरफ से भी पत्र भिजवाने पर भी काम में तेजी नहीं आ रही है।
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इंसेट
कराए गए कामों में निकल रहीं कमियां
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता पी. राम के अनुसार जिन 152 गांवों में विद्युतीकरण पूर्ण किया गया है, वहां पर अभी से तमाम खामियां उजागर होने लगी हैं। एबीसी केबिल लगाने में लापरवाही बरती गई है। ट्रांसफार्मरों की कमी है। कई जगह ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, लेकिन समय से उन्हें बदला नहीं जाता है। कई जगह पोल क्षतिग्रस्त पड़े हैं, लेकिन उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा। बीपीएल कनेक्शन देने में भी आनाकानी की जा रही है। कमियों का ब्यौरा उन्होंने मुख्य क्षेत्रीय अभियंता (वितरण) कानपुर क्षेत्र, अधीक्षण अभियंता दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि. फर्रुखाबाद को भी अवगत कराया गया है।
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जनप्रतिनिधि भी जता चुके नाराजगी
विद्युतीकरण कार्य में तेजी का मुद्दा जिले के प्रभारी मंत्री अहमद हसन की अध्यक्षता में विकास भवन में हुई जिला योजना की बैठक में जोरशोर से उठा था। तब पूर्व ब्लाक प्रमुख, कई जिला पंचायत सदस्यों समेत विधायक ने भी काम में सुस्ती पर चिंता जताई थी। मंत्री ने डीएम को संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद उम्मीद थी कि विद्युतीकरण कार्य में तेजी आएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। लापरवाही बरतने का सिलसिला जस का तस जारी है।
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चिट्ठी पर चिट्ठी पर कार्रवाई नहीं
विद्युतीकरण में हीलाहवाली कर रही संस्था को चिट्ठी पर चिट्ठी भेजी जा रही हैं, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हो रही। इसीलिए लापरवाही बरतने वाले बेलगाम हो गए हैं। अफसर सिर्फ लिखापढ़ी कर कागजी कोरम पूरा करने में जुटे हैं, जिससे जनता को अंधेरे में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष अनुज मिश्र कक्का कहते हैं कि विद्युतीकरण कार्य में देरी की जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।