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ब्लाकों में भी खुले पेयजल कंट्रोल रूम
Kannauj
Updated Sat, 10 May 2014 05:32 AM IST
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कन्नौज। ग्रामीण इलाकों में पेयजल संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए ब्लाकों में भी कंट्रोल रूम
खोले गए हैं। खंड विकास अधिकारियों को पेयजल संबंधी शिकायतें मिलते ही उनका मौके पर जाकर समाधान कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सूखे तालाबों को भी भराने के लिए सिंचाई विभाग और नलकूप खंड को सक्रिय किया गया है। डीएम व सीडीओ क्रास चेकिंग करके पता करेंगे पेयजल व्यवस्था में निर्देशों के बाद भी स्थिति मेें सुधार हो रहा है या नहीं ? इस संबंध में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले के छिबरामऊ, गुगरापुर, सौरिख, हसेरन, उमर्दा और कन्नौज सदर ब्लाक क्षेत्र के गांवों में पानी का संकट गरमी आते ही गहरा गया है। कहीं पर हैंडपंप खराब हैं तो कहीं पर कुओं ने पानी देना बंद कर दिया है। टोटियों के जरिए घर-घर पानी पहुंचाने के लिए डाली गई पाइप लाइनें भी ं ध्वस्त पड़ी हैं तो कहीं लीकेज के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे जनता को अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए इधर-उधर चक्कर काटने पड़ते हैं।
पेयजल संकट से परेशान तमाम लोग कलेक्ट्रेट जाकर डीएम और सीडीओ के सामने शिकायतें दर्ज कराते हैं। इससे जहां आम लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, वहीं अफसरों का अधिकतर समय शिकायतें सुनने में बीत जाता है। इस लिए समस्या से निपटने के लिए ब्लाक स्तर पर पेयजल कंट्रोल रूम खोलने के निर्देश दिए गए हैं। यहां ग्रामीण ब्लाक कार्यालय पहुंच कर या फोन पर अपनी समस्या नोट कराएंगे। ब्लाक कंट्रोल रूम में रखे रजिस्टर पर कर्मचारी समस्या लिखेंगे । ब्लाक में दर्ज होने के बावजूद यदि समस्या का समाधान न हुआ और फरियादी को कलेक्ट्रेट या विकास भवन की दौड़ लगानी पड़ी तो ऐसे मामलों में अफसर कड़ाई से पेश आएंगे। तब बीडीओ से लेकर कर्मचारी तक को दंडित किया जाएगा।
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खोले गए हैं। खंड विकास अधिकारियों को पेयजल संबंधी शिकायतें मिलते ही उनका मौके पर जाकर समाधान कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सूखे तालाबों को भी भराने के लिए सिंचाई विभाग और नलकूप खंड को सक्रिय किया गया है। डीएम व सीडीओ क्रास चेकिंग करके पता करेंगे पेयजल व्यवस्था में निर्देशों के बाद भी स्थिति मेें सुधार हो रहा है या नहीं ? इस संबंध में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिले के छिबरामऊ, गुगरापुर, सौरिख, हसेरन, उमर्दा और कन्नौज सदर ब्लाक क्षेत्र के गांवों में पानी का संकट गरमी आते ही गहरा गया है। कहीं पर हैंडपंप खराब हैं तो कहीं पर कुओं ने पानी देना बंद कर दिया है। टोटियों के जरिए घर-घर पानी पहुंचाने के लिए डाली गई पाइप लाइनें भी ं ध्वस्त पड़ी हैं तो कहीं लीकेज के कारण पेयजल आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे जनता को अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए इधर-उधर चक्कर काटने पड़ते हैं।
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पेयजल संकट से परेशान तमाम लोग कलेक्ट्रेट जाकर डीएम और सीडीओ के सामने शिकायतें दर्ज कराते हैं। इससे जहां आम लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, वहीं अफसरों का अधिकतर समय शिकायतें सुनने में बीत जाता है। इस लिए समस्या से निपटने के लिए ब्लाक स्तर पर पेयजल कंट्रोल रूम खोलने के निर्देश दिए गए हैं। यहां ग्रामीण ब्लाक कार्यालय पहुंच कर या फोन पर अपनी समस्या नोट कराएंगे। ब्लाक कंट्रोल रूम में रखे रजिस्टर पर कर्मचारी समस्या लिखेंगे । ब्लाक में दर्ज होने के बावजूद यदि समस्या का समाधान न हुआ और फरियादी को कलेक्ट्रेट या विकास भवन की दौड़ लगानी पड़ी तो ऐसे मामलों में अफसर कड़ाई से पेश आएंगे। तब बीडीओ से लेकर कर्मचारी तक को दंडित किया जाएगा।
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