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785 सदस्य चुने जाएंगे निर्विरोध
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Wed, 25 Nov 2015 12:15 AM IST
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पंचायत चुनाव के दूसरे चरण की नामांकन के साथ चुनाव
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चिन्ह आवंटन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विकास खंड क्षेत्र में ग्राम
पंचायत सदस्य पद के लिए 785 प्रत्याशी इस बार निर्विरोध निर्वाचित होकर नया
कीर्तिमान बनाएंगे। विकास खंड क्षेत्र में ग्राम प्रधान पद के लिए 96
सीटें हैं।
इन पर 738 प्रत्याशियों के बीच एक दिसंबर को मतदान कराया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 1184 सीटें हैं। इनके लिए संपन्न कराई गई नामांकन प्रक्रिया के दौरान 785 वार्ड ऐसे हैं, जहां से सिर्फ एक-एक प्रत्याशी ने नामांकन किया है। ऐसे में अब उनके निर्विरोध निर्वाचन की मात्र औपचारिक घोषणा ही शेष रह गई है, पर इतना सब कुछ होने के बाद भी विकास खंड के 167 वार्ड ऐसे हैं, जिनमें किसी ने भी नामांकन नहीं किया।
ऐसी स्थिति में अब उन वार्डों में एक बार फिर दोबारा चुनाव आयोग की पूरी मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि, नामांकन प्रक्रिया के दौरान सदस्य पदों पर नामांकन की रफ्तार काफी सुस्त देख स्थानीय प्रशासन सकते में आ गया था। इसके बाद प्रशासन ने इस ओर पूरा जोर लगाया और फिर नामांकन करने वाले प्रधान पद के प्रत्याशियों पर इस बात का दबाव बनाया कि वह लोग अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में सदस्य पदों के भी अपने स्तर से नामांकन कराना सुनिश्चित करें।
पर इसके बाद भी कोई विशेष सफलता हाथ लगते न देख नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन प्रशासन ने प्रधान पद के प्रत्याशियों पर यह दबाव बनाया कि वह लोग कम से कम दो सदस्य पद के प्रत्याशियों के नामांकन कराएं, तभी उनका नामांकन स्वीकार किया जाएगा।
इसके बाद ही प्रधान पद के प्रत्याशी सदस्य पद के लिए उम्मीदवार की तलाश में जुट गए। हालात यह थे कि पहले तो लोगों को प्रत्याशी ढूंढे नहीं मिले और जिन्हें मिल भी गए तो उनके पास नामांकन से संबंधित पर्याप्त अभिलेख मुहैया नहीं थे। ऐसी स्थिति में एक बार फिर प्रशासन ने थोड़ा लचर रवैया अपनाया और खासतौर से सदस्य पद के लिए नामांकन में राहत देने का काम किया।
नोड्यूज के स्थान पर घोषणापत्र और जाति प्रमाणपत्र न होने की दशा में हलफनामा लगवाकर काम चलाया। यही नहीं जमानत धनराशि का चालान बैंक में जमा करने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए विकास खंड मुख्यालय पर ही एक अलग से काउंटर लगवाकर नगद जमानत धनराशि जमा कराई गई। इतनी मशक्कत के बाद भी 167 वार्ड प्रत्याशियों के अभाव में अभी भी रिक्त रह गए हैं।
उध्ार, ब्लाक मुख्यालय में प्रत्याशियों का ब्योरा फीड करने का काम देर रात तक चलता रहा। इसके लिए दो आपरेटर लगाए गए हैं। अबकी चुनाव आयोग ने सभी प्रत्याशियों का ब्योरा ऑनलाइन रखने की व्यवस्था की है। विकास खंड क्षेत्र में 96 ग्राम पंचायतों को 17 न्याय पंचायतों में बांटा गया है।
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए 19 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू की गई थी। अबकी चुनाव आयोग ने नामांकन से लेकर मतगणना तक सभी कुछ प्रत्याशियों का ब्योरा कंप्यूटर पर फीड कराकर उसे आनलाइन करने की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। इसी के तहत नामांकन से लेकर अभी तक ब्लाक मुख्यालय में दो कंप्यूटर आपरेटर चुनाव से संबंधित पूरा ब्योरा फीड करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।
इन पर 738 प्रत्याशियों के बीच एक दिसंबर को मतदान कराया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 1184 सीटें हैं। इनके लिए संपन्न कराई गई नामांकन प्रक्रिया के दौरान 785 वार्ड ऐसे हैं, जहां से सिर्फ एक-एक प्रत्याशी ने नामांकन किया है। ऐसे में अब उनके निर्विरोध निर्वाचन की मात्र औपचारिक घोषणा ही शेष रह गई है, पर इतना सब कुछ होने के बाद भी विकास खंड के 167 वार्ड ऐसे हैं, जिनमें किसी ने भी नामांकन नहीं किया।
ऐसी स्थिति में अब उन वार्डों में एक बार फिर दोबारा चुनाव आयोग की पूरी मशक्कत करनी पड़ेगी। हालांकि, नामांकन प्रक्रिया के दौरान सदस्य पदों पर नामांकन की रफ्तार काफी सुस्त देख स्थानीय प्रशासन सकते में आ गया था। इसके बाद प्रशासन ने इस ओर पूरा जोर लगाया और फिर नामांकन करने वाले प्रधान पद के प्रत्याशियों पर इस बात का दबाव बनाया कि वह लोग अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में सदस्य पदों के भी अपने स्तर से नामांकन कराना सुनिश्चित करें।
पर इसके बाद भी कोई विशेष सफलता हाथ लगते न देख नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन प्रशासन ने प्रधान पद के प्रत्याशियों पर यह दबाव बनाया कि वह लोग कम से कम दो सदस्य पद के प्रत्याशियों के नामांकन कराएं, तभी उनका नामांकन स्वीकार किया जाएगा।
इसके बाद ही प्रधान पद के प्रत्याशी सदस्य पद के लिए उम्मीदवार की तलाश में जुट गए। हालात यह थे कि पहले तो लोगों को प्रत्याशी ढूंढे नहीं मिले और जिन्हें मिल भी गए तो उनके पास नामांकन से संबंधित पर्याप्त अभिलेख मुहैया नहीं थे। ऐसी स्थिति में एक बार फिर प्रशासन ने थोड़ा लचर रवैया अपनाया और खासतौर से सदस्य पद के लिए नामांकन में राहत देने का काम किया।
नोड्यूज के स्थान पर घोषणापत्र और जाति प्रमाणपत्र न होने की दशा में हलफनामा लगवाकर काम चलाया। यही नहीं जमानत धनराशि का चालान बैंक में जमा करने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए विकास खंड मुख्यालय पर ही एक अलग से काउंटर लगवाकर नगद जमानत धनराशि जमा कराई गई। इतनी मशक्कत के बाद भी 167 वार्ड प्रत्याशियों के अभाव में अभी भी रिक्त रह गए हैं।
उध्ार, ब्लाक मुख्यालय में प्रत्याशियों का ब्योरा फीड करने का काम देर रात तक चलता रहा। इसके लिए दो आपरेटर लगाए गए हैं। अबकी चुनाव आयोग ने सभी प्रत्याशियों का ब्योरा ऑनलाइन रखने की व्यवस्था की है। विकास खंड क्षेत्र में 96 ग्राम पंचायतों को 17 न्याय पंचायतों में बांटा गया है।
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए 19 नवंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू की गई थी। अबकी चुनाव आयोग ने नामांकन से लेकर मतगणना तक सभी कुछ प्रत्याशियों का ब्योरा कंप्यूटर पर फीड कराकर उसे आनलाइन करने की व्यवस्था के निर्देश दिए थे। इसी के तहत नामांकन से लेकर अभी तक ब्लाक मुख्यालय में दो कंप्यूटर आपरेटर चुनाव से संबंधित पूरा ब्योरा फीड करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।