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कैसे बने विशिष्ट मंडी, अफसर ही दबाए थे फाइल

Sat, 15 Dec 2018 12:09 AM IST
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:09 AM IST
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कैसे बने विशिष्ट मंडी, अफसर ही दबाए थे फाइल

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कन्नौज। एक तरफ जिले में आलू की सरकारी मंडी की कमी से किसान से जूझ रहा है और दूसरी तरफ अफसर निर्माणाधीन विशिष्ट मंडी की फाइल ही दबाकर बैठ गए। अमर उजाला ने शुक्रवार को किसानों की समस्या को उजागर किया तो जिलाधिकारी रवींद्र कुमार अफसरों के साथ मंडी के निरीक्षण के लिए पहुंच गए। यहां पहुंचकर डीएम भी चौंक गए। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को फोन लगाकर जमकर फटकार लगाई और पूछा कि आखिर मंडी निर्माण से जुड़ी फाइल उन्हें आज तक क्यों नहीं दिखाई गई। डीएम ने कृषि अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।

आलू की फसल का उचित मूल्य न मिल पाने के कारण पिछले दिनों दो किसानों ने खुदकुशी कर ली थी। एक किसान की आलू फलल बेचने जाते समय ट्रैक्टर से गिरकर मौत हो गई थी। किसानों की समस्या को अमर उजाला ने शुक्रवार के अंक में पेज दो पर प्रमुखता से प्रकाशित किया। ठठिया में निर्माणधीन विशिष्ट मंडी के सुस्त काम पर भी खबर में सवाल उठाए गए। जिस संज्ञान में लेकर सुबह जिलाधिकारी रवींद्र कुमार और एसडीएम तिर्वा रामदास ठठिया मंडी का निरीक्षण करने पहुंचे।
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जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था ग्लेयर इंफ्रास्ट्रक्टर लिमिटेड गाजियाबाद द्वारा कराए जा रहे कार्यों के बारे में यहां मौजूद कंपनी कर्मचारी विजय प्रताप सिंह से जानकारी की। बजट एवं निर्माण कार्य की जानकारी की, जिसमें बताया गया कि यह 84 करोड़ का प्रोजेक्ट है।
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यह सुनकर जिलाधिकारी चौंक गए और एसडीएम से कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट की फाइल आज तक उनके सामने क्यों नहीं रखी गई। इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी भागीरथी यादव को डीएम ने मौके से ही फोन मिलाया और मंडी के बारे में आज तक जानकारी न देने का कारण पूछा। उन्होंने जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी को जमकर फटकार भी लगाई और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी तक दे डाली। इसके बाद डीएम ने डीडी एग्रीकल्चर आरएन सिंह और डीएसटीओ भागीरथी यादव को निर्देश दिए कि दोनों विभाग मिलकर इस पूरे प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी पता कर फाइल उन्हें जल्द से जल्द दें। मंडी निर्माण के लिए जल्द शासन से बजट जारी कराया जाएगा।



जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि पिछले दिनों औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के दौरे के समय सौरिख में आलू चिप्स उद्योग लगाने के लिए करीब 70 से 75 एकड़ भूमि की आवश्यकता पर बात हुई थी। इसमें बंजर भूमि को छोडकर अतिरिक्त भूमि को अधिग्रहित किए जाने के लिए ग्राम सभा की बैठक करने के लिए एसडीएम तिर्वा के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। यह टीम किसानों से भूमि लेने के लिए उनका मन टटोलेगी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। डीएम ने बताया कि प्रयास किया जा रहा है कि ठठिया में बन रहे परफ्यूम पार्क के लिए चिह्नित की गई 25 एकड़ जमीन से लगी हुई 50 एकड़ जमीन और मिल जाए। यदि जमीन मिलकर चिप्स फैक्ट्री और परफ्यूम पार्क का काम पूरा हो जाता है तो क्षेत्र के साथ जिले की तस्वीर बदल जाएगी।



कैसे बने विशिष्ट मंडी, अफसर ही दबाए थे फाइल
क्रासर
- जिलाधिकारी ने अमर उजाला में खबर छपने के बाद किया ठठिया में बन रही मंडी का किया निरीक्षण तो खुली पोल

फोटो-28- ठठिया में बन रही विशिष्ट मंडी का निरीक्षण करते जिलाधिकारी रवींद्र कुमार और एसडीएम रामदास।
फोटो-29- अमर उजाला में शुक्रवार के अंक में प्रकाशित खबर का पीडीएफ।
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