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धनुष टूटते ही लगे श्रीराम के जयकारे
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मानीमऊ। क्षेत्र के गांव उदैतापुर में चल रही रामलीला में शनिवार को धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया। इसमें जनक विलाप के बाद विश्वामित्र का आदेश मिलते ही भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। इसके साथ ही पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। सीता ने श्रीराम का वरण किया। इसके बाद परशुराम-लक्ष्मण संवाद हुआ।
भगवान श्रीराम व लक्ष्मण के स्वरूपों की आरती कर आयोजन समिति सदस्य ने लीला का शुभारंभ किया। राजा दशरथ ने सीता स्वयंवर की घोषण की। उन्होंने कहा कि जो भी भगवान शिव के धनुष को तोड़ेगा वही सीता का वरण करेगा। सूचना पर तमाम देशों के राजा, महाराजा व राजकुमार यज्ञशाला पहुंच गए। सभी ने शिव के धनुष तोड़ने का प्रयास किया लेकिन हिला तक नहीं सके। अंत में विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। श्रीराम व सीता के विवाह पर भक्तों ने फूलों की वर्षा करती हैं।
हरीशरणा नंद जी महाराज, पं कौशल किशोर जी महाराज, महेंद्र कुमार दुबे उर्फ गुड्डू, राजू ग्राम प्रधान, मनोज दुबे, पुनीत दुबे, घनश्याम दुबे, कमल किशोर दुबे, आकाश दुबे, राजेंद्र भदौरिया, विशाल दुबे ,ओमप्रकाश शुक्ला, संजू तिवारी, सुनील श्रीवास्तव, सुधीर दुबे, रामजी शुक्ला, प्रदीप बाथम, हरिओम शुक्ला, रामप्रकाश यादव, अवधेश श्रीवास्तव, अजय कुमार दुबे, राकेश श्रीवास्तव और शीलू श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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धनुष टूटते ही लगे श्रीराम के जयकारे
उदैतापुर की रामलीला में हुआ धनुषयज्ञ लीला का मंचन
फोटो 24केएनजेपी 13- राम-लक्ष्मण आरती करते समिति के सदस्य।
मानीमऊ। क्षेत्र के गांव उदैतापुर में चल रही रामलीला में शनिवार को धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया। इसमें जनक विलाप के बाद विश्वामित्र का आदेश मिलते ही भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। इसके साथ ही पंडाल श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। सीता ने श्रीराम का वरण किया। इसके बाद परशुराम-लक्ष्मण संवाद हुआ।
भगवान श्रीराम व लक्ष्मण के स्वरूपों की आरती कर आयोजन समिति सदस्य ने लीला का शुभारंभ किया। राजा दशरथ ने सीता स्वयंवर की घोषण की। उन्होंने कहा कि जो भी भगवान शिव के धनुष को तोड़ेगा वही सीता का वरण करेगा। सूचना पर तमाम देशों के राजा, महाराजा व राजकुमार यज्ञशाला पहुंच गए। सभी ने शिव के धनुष तोड़ने का प्रयास किया लेकिन हिला तक नहीं सके। अंत में विश्वामित्र की आज्ञा से भगवान श्रीराम ने धनुष तोड़ दिया। श्रीराम व सीता के विवाह पर भक्तों ने फूलों की वर्षा करती हैं।
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हरीशरणा नंद जी महाराज, पं कौशल किशोर जी महाराज, महेंद्र कुमार दुबे उर्फ गुड्डू, राजू ग्राम प्रधान, मनोज दुबे, पुनीत दुबे, घनश्याम दुबे, कमल किशोर दुबे, आकाश दुबे, राजेंद्र भदौरिया, विशाल दुबे ,ओमप्रकाश शुक्ला, संजू तिवारी, सुनील श्रीवास्तव, सुधीर दुबे, रामजी शुक्ला, प्रदीप बाथम, हरिओम शुक्ला, रामप्रकाश यादव, अवधेश श्रीवास्तव, अजय कुमार दुबे, राकेश श्रीवास्तव और शीलू श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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धनुष टूटते ही लगे श्रीराम के जयकारे
उदैतापुर की रामलीला में हुआ धनुषयज्ञ लीला का मंचन
फोटो 24केएनजेपी 13- राम-लक्ष्मण आरती करते समिति के सदस्य।