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सोशल मीडिया पर कार्यकर्ता निकाल रहे भड़ास
Updated Thu, 22 Jun 2017 11:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। सोशल मीडिया पर भाजपा कार्यकर्ता अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। कन्नौज में बीते सप्ताह खनन टेंडर प्रक्रिया के बाद पुलिस की दबिश की कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा चरम सीमा पर है।
पिछले सप्ताह खनन प्रक्रिया को लेकर जनपद में बहुत बवाल हुआ था। बवाल के बाद कई कार्यकर्ताओं के घर दबिश भी दी गई। जो कार्यकर्ता नहीं मिले उनके परिवार के लोगों को पुलिस ने बैठा लिया। इन सब कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ताओं में नेताओं के प्रति जबरदस्त गुस्सा है। कई कार्यकर्ता सूबे के उप मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ भी पहुंचे, उन्हें अपनी समस्या भी बताई। वहां से संबंधित फोटो भी सोशल मीडिया पर खूब डाली गई।
एक कार्यकर्ता ने लिखा की पूर्व की समाजवादी पार्टी सरकार में उनके जैसे तमाम कार्यकर्ताओं पर सपा ने मुकदमे लगवाए। सरकार के लिए मेहनत की तो उन्हें लगा कि उनके खिलाफ जो झूठे मुकदमे दर्ज हुए वह सभी सही तरीके से कानूनी कार्रवाई द्वारा हट जाएंगे, लेकिन उसके उलट भाजपा सरकार में भी पुलिस उन पर मुकदमे लगा रही है। एक अन्य कार्यकर्ता ने लिखा है कि अभी सत्ता के नशे में चूर होकर यदि नेता कार्यकर्ता को नकार रहे हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए दो वर्ष बाद 2019 का चुनाव आ रहा है। और कार्यकर्ता शवासन कराकर उन्हें आराम से फिर चौदह वर्ष के वनवास पर भेज देंगे।
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कार्यकर्ता लिखते है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते है कि उनके लिए हर कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है लेकिन आज कार्यकर्ताओं पर जबरन गलत तरीके से मुकदमे लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
- खनन के टेंडर प्रक्रिया में हुए बवाल के बाद आक्रोश
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कन्नौज। सोशल मीडिया पर भाजपा कार्यकर्ता अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। कन्नौज में बीते सप्ताह खनन टेंडर प्रक्रिया के बाद पुलिस की दबिश की कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा चरम सीमा पर है।
पिछले सप्ताह खनन प्रक्रिया को लेकर जनपद में बहुत बवाल हुआ था। बवाल के बाद कई कार्यकर्ताओं के घर दबिश भी दी गई। जो कार्यकर्ता नहीं मिले उनके परिवार के लोगों को पुलिस ने बैठा लिया। इन सब कार्रवाई से भाजपा कार्यकर्ताओं में नेताओं के प्रति जबरदस्त गुस्सा है। कई कार्यकर्ता सूबे के उप मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ भी पहुंचे, उन्हें अपनी समस्या भी बताई। वहां से संबंधित फोटो भी सोशल मीडिया पर खूब डाली गई।
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एक कार्यकर्ता ने लिखा की पूर्व की समाजवादी पार्टी सरकार में उनके जैसे तमाम कार्यकर्ताओं पर सपा ने मुकदमे लगवाए। सरकार के लिए मेहनत की तो उन्हें लगा कि उनके खिलाफ जो झूठे मुकदमे दर्ज हुए वह सभी सही तरीके से कानूनी कार्रवाई द्वारा हट जाएंगे, लेकिन उसके उलट भाजपा सरकार में भी पुलिस उन पर मुकदमे लगा रही है। एक अन्य कार्यकर्ता ने लिखा है कि अभी सत्ता के नशे में चूर होकर यदि नेता कार्यकर्ता को नकार रहे हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए दो वर्ष बाद 2019 का चुनाव आ रहा है। और कार्यकर्ता शवासन कराकर उन्हें आराम से फिर चौदह वर्ष के वनवास पर भेज देंगे।
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कार्यकर्ता लिखते है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कहते है कि उनके लिए हर कार्यकर्ता महत्वपूर्ण है लेकिन आज कार्यकर्ताओं पर जबरन गलत तरीके से मुकदमे लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
- खनन के टेंडर प्रक्रिया में हुए बवाल के बाद आक्रोश