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सर्द रातों में आवास की आस में ठिठुर रहीं जिंदगियां

Sat, 15 Dec 2018 12:09 AM IST
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:09 AM IST
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सर्द रातों में आवास की आस में ठिठुर रहीं जिंदगियां
अमर उजाला ब्यूरो
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कन्नौज। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2018-19 में जिले को 1975 आवास का लक्ष्य मिला था। इसमें 997 आवासों का निर्माण कराकर जिले के अधिकारी प्रदेश में नंबर एक का खिताब ले आए लेकिन बड़ी संख्या में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब आवास के लिए भटक रहे हैं। कई परिवार को सर्द रातों में तिरपाल के नीचे गुजर बसर कर रहे हैं।

शहर के सरायमीरा की सरायगली निवासी फातमा पत्नी स्व. मो. इरशाद के चार नाबालिग बच्चे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की सूची नाम भी है, इसके बावजूद आवास नहीं मिला है। उसका मकान गिर गया है, जेठ के मकान में बच्चों के साथ रहती हैं।
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नगर पंचायत तालग्राम के मो. हारिश पुत्र अंसार हुसैन का नाम भी प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी योजना की सूची में है। कच्ची कोठरी में रहते हैं। हारिश को अपात्र की श्रेणी में कर दिया गया है। शिकायत पर जांच में उसको पात्र दर्शाया गया। तालग्राम के ही रईसुल हसन अंसारी पुत्र बाबू अंसारी का मकान भी कच्चा है। वह प्लास्टिक के तिरपाल के नीचे गुजर-बसर कर रहा है। उसे भी अपात्र बताया दिया गया था। शिकायत के बाद जांच में पात्र पाया गया। इसके बावजूद कार्रवाई शुरू नहीं की गई।
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कुछ ऐसा ही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी है। छिबरामऊ ब्लॉक के गांव रंधीरपुर-लालकपुर निवासी फूलचंद्र पुत्र सुखवासीलाल ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थनापत्र देकर बताया था कि कच्चे और जर्जर मकान में रहता है। कई बार प्रार्थनापत्र देने के बावजूद सर्वे नहीं कराया गया। अब तक फूलचंद ने गुहार लगाना भी बंदकर दिया है, कहता है जब कुछ मिलना नहीं तो क्या फायदा।

इसी ब्लॉक के गांव रंधीरपुर निवासी अरुण कुमारी पत्नी नरेंद्र का मकान भी गिर गया है। आसरे के लिए दिल्ली में रिश्तेदार के पास रहने चली गईं, आवास न होने के लिए कारण वह दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। डीएम, सीडीओ के अलावा तहसील समाधान दिवस में रोज आवास के लिए बड़ी संख्या में शिकायतें आती हैं।

इस संबंध में डीएम रवींद्र कुमार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में अभी 978 आवास निर्माणाधीन हैं। पात्रता सूची के आधार पर ही आवंटन किया जाता है। जो शिकायतें आते हैं उनकी जांच कराई जाती है। जो नए पात्र मिल रहे हैं उनके नाम शासन को भेजे जा रहे हैं। पात्रों को आवास दिलाए जाएंगे।



गरीबों के पास घर नहीं और अफसर ले आए खिताब
प्रधानमंत्री आवास योजना के आवास निर्माण में मिल चुकी है नंबर एक रैकिंग
क्रासर
जिले में बड़ी संख्या में पात्र आवास के लिए भटक रहे हैं
जांच में पात्र मिलने के कई महीने बाद भी नहीं मिला घर
फोटो-14 पीड़ित रहीसुल के मकान में पड़ी टीन।
फोटो-15 पीड़ित पीड़ित हारिस।
फोटो-16 हारिस का कच्चा मकान व पड़ी पन्नी।


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