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योगी का पैगाम, जांचे जाएंगे सुरक्षा इंतजाम
amarujala
Updated Tue, 18 Jul 2017 12:35 AM IST
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- फोटो : demo
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लखनऊ के केजीएमयू में आग लगने की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी नर्सिंग होम की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर दी है। जल्द ही फायर ब्रिगेड, जेडीए के अफसरों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम नर्सिंग होम में धावा बोलेगी।
एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में शनिवार देर रात आग लगने के बाद अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। ‘अमर उजाला’ ने शहर के सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की। सोमवार के अंक में सुरक्षा के नियमों और मानकों को लगा दी ‘आग’ शीर्षक से पेज दो पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश के सभी नर्सिंग होम में सुरक्षा के इंतजामों की जांच के निर्देश दे दिए। मुख्यमंत्री के फरमान के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश सिंह ने तत्काल जांच कमेटी गठित कर दी। सीएमओ ने बताया कि जल्द ही कमेटी नर्सिंग होम में सुरक्षा इंतजाम की जांच पड़ताल करेगी। किसी भी हालात में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
फायर सर्विस एक्ट के तहत होगी जांच
जिले में 120 नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, इनमें से अधिकांश आवासीय नक्शे पर चल रहे हैं। जबकि, नियमानुसार अस्पतालों को आवासीय नक्शा पास कराना चाहिए था। अस्पताल संचालकों के इस गोरखधंधे की पड़ताल अब फायर बिग्रेड भी करेगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि डीजी फायर सर्विस को अस्पतालों में आग से निपटने के इंतजाम की जांच के निर्देश मिले हैं। जल्द ही उनके पास भी जांच के आदेश आ जाएंगे। वह जांच में देखेंगे कि फायर सर्विस एक्ट के तहत नर्सिंग होम में अग्निशमन यंत्र आदि लगे हैं या नहीं। कमी मिलने पर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
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धारा 304, 436 में हो सकती है एफआईआर
जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री प्रणय श्रीवास्तव का कहना है कि नर्सिंग होम में अग्निशमन यंत्र लगने बेहद जरूरी हैं। यदि अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद किसी की मौत हो जाती है और इससे निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं, तो नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 436 में मुकदमा दर्ज हो सकता है। उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली की उपहार सिनेमा में भी आग लग गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। सिनेमा मालिकों के खिलाफ धारा 304 में मुकदमा हुआ। बाद में कोर्ट ने मालिकों को सजा सुनाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का भी आदेश दिया।
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लखनऊ के केजीएमयू में आग लगने की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी नर्सिंग होम की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सीएमओ ने जांच कमेटी गठित कर दी है। जल्द ही फायर ब्रिगेड, जेडीए के अफसरों के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम नर्सिंग होम में धावा बोलेगी।
एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शुमार केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में शनिवार देर रात आग लगने के बाद अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। ‘अमर उजाला’ ने शहर के सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की। सोमवार के अंक में सुरक्षा के नियमों और मानकों को लगा दी ‘आग’ शीर्षक से पेज दो पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेश के सभी नर्सिंग होम में सुरक्षा के इंतजामों की जांच के निर्देश दे दिए। मुख्यमंत्री के फरमान के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश सिंह ने तत्काल जांच कमेटी गठित कर दी। सीएमओ ने बताया कि जल्द ही कमेटी नर्सिंग होम में सुरक्षा इंतजाम की जांच पड़ताल करेगी। किसी भी हालात में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
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फायर सर्विस एक्ट के तहत होगी जांच
जिले में 120 नर्सिंग होम पंजीकृत हैं, इनमें से अधिकांश आवासीय नक्शे पर चल रहे हैं। जबकि, नियमानुसार अस्पतालों को आवासीय नक्शा पास कराना चाहिए था। अस्पताल संचालकों के इस गोरखधंधे की पड़ताल अब फायर बिग्रेड भी करेगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि डीजी फायर सर्विस को अस्पतालों में आग से निपटने के इंतजाम की जांच के निर्देश मिले हैं। जल्द ही उनके पास भी जांच के आदेश आ जाएंगे। वह जांच में देखेंगे कि फायर सर्विस एक्ट के तहत नर्सिंग होम में अग्निशमन यंत्र आदि लगे हैं या नहीं। कमी मिलने पर जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
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धारा 304, 436 में हो सकती है एफआईआर
जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री प्रणय श्रीवास्तव का कहना है कि नर्सिंग होम में अग्निशमन यंत्र लगने बेहद जरूरी हैं। यदि अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद किसी की मौत हो जाती है और इससे निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं, तो नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 436 में मुकदमा दर्ज हो सकता है। उदाहरण देते हुए बताया कि दिल्ली की उपहार सिनेमा में भी आग लग गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई। सिनेमा मालिकों के खिलाफ धारा 304 में मुकदमा हुआ। बाद में कोर्ट ने मालिकों को सजा सुनाई और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का भी आदेश दिया।