{"_id":"5fc950528ebc3e9b7e32caeb","slug":"worker-strike-500-light-waist-jhansi-news-jhs1825953102","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्मचारियों की हड़ताल से 500 लाइटें खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्मचारियों की हड़ताल से 500 लाइटें खराब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महानगर में लाइटों को सही करने और बदलने का काम बीते सात दिनों से ठप पड़ा है। आलम यह है कि महानगर में लाइटों को सही करने का जिम्मा संभाले कंपनी ने कर्मचारियों को तीन महीने से वेतन नहीं दिया है। इसके चलते कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। वहीं पार्षद लगातार लाइटों को सही करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हड़ताल के चलते लाइटें सही नहीं हो रही हैं। इसे लेकर पार्षदों में रोष है।
दरअसल, महानगर में केंद्र सरकार की एक कंपनी ने 24500 एलईडी लाइटें लगाई हैं। इन लाइटों को सही करने और बदलने के लिए नगर निगम ने कंपनी के साथ सात साल का करार किया है। कंपनी ने महानगर मेें काम देखने के लिए लाइनमैन और हेल्पर समेत 25 कर्मचारियों के लिए एक संस्था को ठेका दे रखा है। बताया जाता है कि कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दिया है। कर्मचारी कई बार कंपनी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसे लेकर कर्मचारियों ने लाइटों को सही करने और बदलने का काम बंद कर दिया है। सात दिनों से लगातार चल रही हड़ताल को लेकर पार्षदों में भी रोष है। पार्षदों के मुताबिक महानगर में करीब 500 लाइटें खराब पड़ी हुई हैं, लेकिन हड़ताल के चलते काम नहीं हो रहा है। पार्षद अमन राय ने बताया कि गुदरी क्षेत्र में करीब 20 लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। कर्मचारियों को फोन किया, तो वे वेतन न मिलने पर हड़ताल की बात कह रहे हैं। इसके चलते दिक्कत हो रही है। पार्षद पुष्पेंद्र के मुताबिक खुशीपुरा क्षेत्र में भी करीब 15 लाइटें खराब हैं। पार्षदों ने इसे लेकर कंपनी पर पेनल्टी लगाने की मांग की है।
अनुबंध में है पेनल्टी लगाने का नियम
बताया जाता है कि नगर निगम और कंपनी के बीच हुए अनुबंध में लाइटें समय सीमा में सही न होने पर पेनल्टी लगाने का नियम है। महानगर में लाइटें महीनों तक सही नहीं होती। लेकिन नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, महानगर में केंद्र सरकार की एक कंपनी ने 24500 एलईडी लाइटें लगाई हैं। इन लाइटों को सही करने और बदलने के लिए नगर निगम ने कंपनी के साथ सात साल का करार किया है। कंपनी ने महानगर मेें काम देखने के लिए लाइनमैन और हेल्पर समेत 25 कर्मचारियों के लिए एक संस्था को ठेका दे रखा है। बताया जाता है कि कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं दिया है। कर्मचारी कई बार कंपनी से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसे लेकर कर्मचारियों ने लाइटों को सही करने और बदलने का काम बंद कर दिया है। सात दिनों से लगातार चल रही हड़ताल को लेकर पार्षदों में भी रोष है। पार्षदों के मुताबिक महानगर में करीब 500 लाइटें खराब पड़ी हुई हैं, लेकिन हड़ताल के चलते काम नहीं हो रहा है। पार्षद अमन राय ने बताया कि गुदरी क्षेत्र में करीब 20 लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। कर्मचारियों को फोन किया, तो वे वेतन न मिलने पर हड़ताल की बात कह रहे हैं। इसके चलते दिक्कत हो रही है। पार्षद पुष्पेंद्र के मुताबिक खुशीपुरा क्षेत्र में भी करीब 15 लाइटें खराब हैं। पार्षदों ने इसे लेकर कंपनी पर पेनल्टी लगाने की मांग की है।
विज्ञापन
अनुबंध में है पेनल्टी लगाने का नियम
बताया जाता है कि नगर निगम और कंपनी के बीच हुए अनुबंध में लाइटें समय सीमा में सही न होने पर पेनल्टी लगाने का नियम है। महानगर में लाइटें महीनों तक सही नहीं होती। लेकिन नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं करता है।
विज्ञापन