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भारत रत्न पर ध्यानचंद को क्यों भूल जाते हैं प्रधानमंत्री: तारक
Wed, 01 Jan 2020 02:00 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2020 02:00 AM IST
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हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न दिए जाने की मांग को लेकर पदयात्रा
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हॉकी जादूगर मेजर ध्यानचंद को भारत रत्न प्राप्त हो इस उद्देश्य से देश में तिरंगा लेकर पदयात्रा कर रहे तारक पारकर झांसी आए। हीरोज ग्राउंड पर उन्होंने मेजर ध्यानचंद की समाधि पर पुष्प अर्पित किए।
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इस मौके पर तारक पारकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर बार खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद को महान खिलाड़ी बताते हैं, लेकिन वह भारत रत्न देना क्यों भूल जाते हैं।
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खरगौन मध्य प्रदेश से शुरू हुई उनकी पदयात्रा 700 किलोमीटर चलकर झांसी पहुंची। हीरोज ग्राउंड पर पत्रकारों से कहा कि वह प्रधानमंत्री से मिलेंगे। उनसे मांग करेंगे, कि मेजर ध्यानचंद को देश का यह सर्वोच्च सम्मान प्रदान किया जाए। उनके अनुसार रास्ते में कई लोग उन्हें मिले, जिन्हें भ्रम था कि हॉकी जादूगर को यह सम्मान मिल चुका है।
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पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त 63 वर्षीय तारक पारकर का कहना है कि वह पदयात्रा के दौरान रात में गुरुद्वारा, मंदिर, थाना और स्थानीय खिलाड़ियों के घर पर ठहरते रहे।
हीरोज ग्राउंड में मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद, महापौर रामतीर्थ सिंघल, सुबोध खंडकर, अब्दुल अजीज, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर, डॉ. धन्नू लाल गौतम, डॉ. नीति शास्त्री, संजय पटवारी, पंकज शुक्ला, सुदर्शन शिवहरे, मनीष रावत, संतोष साहू आदि ने तारक पारकर का सम्मान किया।
वहीं, सभी ने हॉकी जादूगर की समाधि पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर विजित कपूर, आफाक अहमद, लक्ष्मी नारायण वर्मा, राहुल गौर, आशुतोष शर्मा, तुषार सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं, भीषण शीतलहर के चलते झांसी वासियों के आग्रह पर तारक पारकर वापस खारगौन के लिए लौट जाएंगे।
इसके बाद उनकी यह पदयात्रा दो फरवरी को ध्यानचंद स्टेडियम से पुन: शुरू होगी। उस दौरान सीनियर नेशनल हॉकी का फाइनल मुकाबला होगा। इसमें सभी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एकजुट होंगे।
ध्यानचंद हमारी झांसी की महान विभूति हैं, उन्होंने खेल से झांसी का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है।
पंकज शुक्ला, अध्यक्ष टंडन रोड व्यापार मंडल सीपरी
सभी खेल प्रेमियों व खिलाड़ियों की हरसत है, कि हॉकी जादूगर को देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न प्राप्त हो।
सुदर्शन शिवहरे, शिक्षक
तारक पारकर का प्रयास सराहनीय है। झांसी के सभी समाज सेवी, खेल प्रेमी मेजर ध्यानचंद के लिए एकजुट हुए हैं।
अशोक ध्यानचंद, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
हम सभी लोग क ई वर्षों से आशा लगाए हैं कि मेजर ध्यानचंद को उनका हक मिलेे। देश इस पर एकजुट है।
अशोक सेन पाली, पूर्व राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
आज समूची दुनिया में भारतीय हॉकी की विशेष पहचान है। इसमें हॉकी जादूगर ध्यानचंद का अहम योगदान है।
इशरत हुसैन, पूर्व राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी
हॉकी और मेजर ध्यानचंद हम सभी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की शान है। उन्हें भारत रत्न जल्द मिलना चाहिए।
सुबोध खंडकर, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी