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इनका दर्द कौन समझेगा....खंडहर हो गए मकान...बरसात में लगा रहता है डर
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झांसी। रेलवे की पश्चिमी कालोनी में समस्याओं का अंबार है। न तो कूड़ेदान रखे गए हैं और न ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। प्रमुख सड़कों पर सफाई कर सफाई कर्मी कर्तव्यों की इतिश्री कर ले रहे हैं जबकि कालोनी के अंदर सफाई नाम की कोई चीज नहीं है। शिकायत करने के बावजूद मरम्मत नहीं की जा रही है। गंदगी तो कभी उठाई नहीं जाती। पेयजल की समस्या भी गंभीर है। पाइप में गंदा पानी आने की वजह से हमलोग बाजार से कैंपर का पानी मंगाकर पीते हैं।
रेलवे की पश्चिमी कालोनी के क्वार्टर संख्या 709 (ए से एच) समस्याओं के मकड़जाल में फंसी है। न तो वहां सफाई है, न ही घरों के कचरे बाहर निकालने के लिए कूड़ेदान। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि क्वार्टरों की हालत यहां क्या आसपास के भी कई क्वार्टर रहने लायक नहीं हैं। दीवारें तक जर्जर हो चुकी हैं। गंदगी घरों के अंदर तक पहुंच रही है। नालियां भरी होने से आए दिन छोटे- छोटे जीव जंतु और सांप तक घरों में घुस जाते हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी आईओडब्लू विभाग मरम्मत करने नहीं आता। सफाई विभाग का तो कोई पुरसाहाल नहीं। गंदगी देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है यहां सफाई की हकीकत क्या है। पानी के पाइप लाइन में लीकेज होने पर क्वार्टरों में पहुंचने वाला पीने का पानी दूषित आता है। शिकायतों का निस्तारण न होने से तंग आकर हम लोग बाहर से पानी का कैंपर मंगवा रहे हैं ताकि बीमारियों से अपने को सुरक्षित रख सकें।
अगर संबंधित विभागीय अधिकारी प्रार्थनापत्र देने के बाद भी मरम्मत नहीं करते अथवा सफाई में लापरवाही दिखाते हैं तो कर्मचारी शिकायतों की प्रति डीआरएम कार्यालय में संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को दें। रेलकर्मियों की परेशानियों को शीघ्र से शीघ्र दूर कराया जाएगा। लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मनोज कुमार सिंह,
जन संपर्क अधिकारी,
उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल
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रेलवे की पश्चिमी कालोनी के क्वार्टर संख्या 709 (ए से एच) समस्याओं के मकड़जाल में फंसी है। न तो वहां सफाई है, न ही घरों के कचरे बाहर निकालने के लिए कूड़ेदान। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि क्वार्टरों की हालत यहां क्या आसपास के भी कई क्वार्टर रहने लायक नहीं हैं। दीवारें तक जर्जर हो चुकी हैं। गंदगी घरों के अंदर तक पहुंच रही है। नालियां भरी होने से आए दिन छोटे- छोटे जीव जंतु और सांप तक घरों में घुस जाते हैं। तमाम शिकायतों के बाद भी आईओडब्लू विभाग मरम्मत करने नहीं आता। सफाई विभाग का तो कोई पुरसाहाल नहीं। गंदगी देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है यहां सफाई की हकीकत क्या है। पानी के पाइप लाइन में लीकेज होने पर क्वार्टरों में पहुंचने वाला पीने का पानी दूषित आता है। शिकायतों का निस्तारण न होने से तंग आकर हम लोग बाहर से पानी का कैंपर मंगवा रहे हैं ताकि बीमारियों से अपने को सुरक्षित रख सकें।
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अगर संबंधित विभागीय अधिकारी प्रार्थनापत्र देने के बाद भी मरम्मत नहीं करते अथवा सफाई में लापरवाही दिखाते हैं तो कर्मचारी शिकायतों की प्रति डीआरएम कार्यालय में संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को दें। रेलकर्मियों की परेशानियों को शीघ्र से शीघ्र दूर कराया जाएगा। लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मनोज कुमार सिंह,
जन संपर्क अधिकारी,
उत्तर मध्य रेलवे झांसी मंडल