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कौन से संक्रमण का हुआ है हमला, अब चलेगा पता

Sat, 04 Sep 2021 01:32 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 01:32 AM IST
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Which infection has attacked, now you will know
झांसी। इन दिनों वायरल और वायरस से बुखार समेत कई बीमारियां लोगों को घेरे हुए हैं। मगर कौन से संक्रमण ने शरीर पर हमला बोला है, इसकी सटीक जानकारी मेडिकल कॉलेज से मिल सकेगी। कॉलेज में स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस की जांच शुरू होने जा रही है। कॉलेज ने जांच किट खरीदने का ऑर्डर भी भेज दिया है। बुंदेलखंड में यह जांच शुरू करने वाला पहला सरकारी संस्थान होगा।
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डेंगू ही नहीं अब स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस इंफेक्शन के लिए भी बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। इनके लक्षण काफी कुछ मिलते-जुलते होने की वजह से बीमारी में अंतर कर पाना मुश्किल होता है। इन दिनों डेंगू का हमला हो रहा है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस की जांच सुविधा शुरू करने का फैसला लिया है। ये जांच शुरू होने के बाद सही बीमारी का पता कर इलाज शुरू हो सकेगा। इसके लिए किट मंगवाई जा रही हैं, जिसे एलाइजा मशीन में लगाकर जांच की जा सकेगी। अभी प्रदेश के चुनिंदा संस्थानों में ही जांच हो रही है। बुंदेलखंड के किसी भी मेडिकल कॉलेज में जांच की सुविधा नहीं है।
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बैक्टीरियल इंफेक्शन है स्क्रब टाइफस
स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है, जो जानलेवा है। इसके लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही होते हैं। इसकी शुरूआत सिरदर्द और ठंड लगने के साथ बुखार से हो सकता है। रोग बिगड़ने पर बुखार तेज हो जाता है और सिरदर्द भी असहनीय होने लगता है। कुछ मरीजों में पेट से शुरू हुई खुजली या चकत्ते अन्य अंगों तक फैलने लगते हैं। कई बार तो ये चेहरे पर भी हो जाता है। स्क्रब टाइफस के लक्षणों की जांच करते समय मलेरिया, डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस आदि रोगों से भी तुलना की जाती है। शुरूआत में बुखार, सिरदर्द और खांसी संबंधी लक्षण होते हैं। हल्के इंफेक्शन वाले मरीज बिना किसी अन्य लक्षण के हो सकते हैं।
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जानवरों के मलमूत्र से फैलने वाले लेप्टोस्पाइरा बैक्टीरिया से होती लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी
लेप्टोस्पायरोसिस एक ऐसी बीमारी है, जो मानसून के दौरान बढ़ जाती है। ये बीमारी में जानवरों के मलमूत्र से फैलने वाले लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। चूहों के यूरिन के संपर्क में आए पालतू जानवर इस बीमारी को इंसान के शरीर में पहुंचा देते हैं। बारिश में इस संक्रमण के फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इसके लक्षण दो सप्ताह के भीतर दिखने शुरू होते हैं। हालांकि, कुछ मामलों में इसका पता महीने भर के बाद लगता है। यह बीमारी तेजी से आपको जकड़ती है। इसमें बुखार 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीलिया, उल्टी आना, डायरिया, त्वचा पर रैशेज पड़ने जैसे लक्षण दिखते हैं। ये लक्षण इतने सामान्य हैं कि जांच पर ही बीमारी पता चल पाती है।

मेडिकल कॉलेज में जल्द ही स्क्रब टाइफस, लेप्टोस्पायरोसिस की जांच हो सकेगी। इसके लिए किट खरीद का ऑर्डर दे दिया गया है। जल्द ही मरीज ये जांच करा सकेंगे। फिर मरीज की सही बीमारी का पता कर इलाज शुरू किया जा सकेगा। - डॉ. एनएस सेंगर, प्राचार्य।
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