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Jhansi News: स्मार्ट सिटी में पनपा पानी का काला धंधा, 50 से अधिक अवैध रूप संचालित आरओ प्लांट

Fri, 30 May 2025 01:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 May 2025 01:54 AM IST
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Water black market flourished in smart city, more than 50 RO plants operating illegally

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संवाद न्यूज एजेंसी



झांसी। स्मार्ट सिटी के लोगों की प्यास बुझाने के लिए गली-गली तक आरओ प्लांट की गाड़ियां डिब्बाबंद पानी लेकर दौड़ रही हैं। पीने योग्य पानी घर-घर तक पहुंचाने के लिए कई आरओ प्लांट अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं। इन्हें न तो भूगर्भ जलस्तर के गिरने की चिंता है, न ही एनजीटी के आदेशों की परवाह।

अवैध रूप से पानी का काला धंधा करने वालों के खिलाफ जिम्मेदार अधिकारी केवल नोटिस जारी कर रहे हैं। वहीं, ऐसे व्यापारी धरती की कोख बंजर कर रहे हैं। शहर में 50 से अधिक आरओ वाटर प्लांट लगे हैं। किसी भी संचालक ने भूगर्भ विभाग से एनओसी नहीं ली है। 30 कारोबारियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है। उन्हें हिदायत दी गई है कि एनओसी लेकर पंजीयन करा लें, अन्यथा उनका प्लांट सील कर दिया जाएगा।
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न हो रही जांच और न निगरानी

शहर से गांव तक प्लांट से जार में पानी की आपूर्ति की जा रही है। इस पानी की शुद्धता को लेकर न कोई जांच होती है और न आरओ प्लांट पर साफ-सफाई की निगरानी। यहां किस मानक के पानी की आपूर्ति हो रही है, इसकी जानकारी भी किसी को नहीं है। पानी के डिब्बों पर रसायन की मात्रा, उत्पादन तिथि और एक्सपायरी तिथि तक नहीं लिखी जा रही है। वह शुद्ध पानी के नाम पर लोगों को सिर्फ ठंडा पानी पिला रहे हैं।
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फैक्ट



शहर में 50 से अधिक आरओ प्लांट, संचालन के लिए भू-गर्भ विभाग की एनओसी किसी के पास नहीं

नगर निगम, भू-गर्भ जल विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व फूड एंड सेफ्टी विभाग की जिम्मेदारी है तय



लाइसेंस लेने के लिए भूजल विभाग से एनओसी लेनी होती है, लेकिन इस पर विभाग भी ध्यान नहीं दे रहा है

भूगर्भ जल नियंत्रण के लिए गठित है यह टास्क फोर्स



अध्यक्ष : जिलाधिकारी

सदस्य सचिव : मुख्य विकास अधिकारी



सदस्य : भू-गर्भ के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य करने वाले विषय विशेषज्ञ।

सदस्य : भू-गर्भ के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले सरकारी व गैर सरकारी सदस्य



अन्य सदस्य : भू-गर्भ जल विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कृषि विभाग, लघु सिंचाई, जल निगम, स्थानीय निकाय विकास प्राधिकरण, सिंचाई और जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, उद्यान विभाग तथा वन विभाग से एक-एक जिलास्तरीय प्रतिनिधि।


आमंत्रित सदस्य : नगर निकाय अथवा विकास खंड से एक-एक प्रतिनिधि।



भू-गर्भ जल दूषित करने पर सजा

पहली बार पकड़े जाने पर 6 माह से एक वर्ष का कारावास और 2 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना



दूसरी बार पकड़े जाने पर 2 से 5 वर्ष का कारावास और 5 से 10 लाख रुपये तक जुर्माना।

तीसरी बार पकड़े जाने पर 5 से 7 साल कारावास और 10 से 20 लाख रुपये तक जुर्माना।



वर्जन -

- आरओ प्लांट के लिए भू-गर्भ जल विभाग की एनओसी और पंजीयन अनिवार्य है, लेकिन शहर में किसी भी संचालक की ओर से न तो एनओसी ली गई है और न ही पंजीयन कराया गया है। 30 लोगों को नोटिस भेजा गया है। जवाब न देने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - मनीष कुमार कनौजिया, नोडल, भू-गर्भ जल झांसी
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