योगी के मंत्री ने कहा- राहुल और प्रियंका गांधी को सता रहा अपनी मां की नागरिकता खत्म होने का डर
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नागरिकता कानून पर एक तरफ जहां भाजपा का शीर्ष नेतृत्व यह कहते नहीं थक रहा है कि इससे किसी की नागरिकता को खतरा नहीं है, वहीं यूपी के स्टांप, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल ने गांधी परिवार की नागरिकता को लेकर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी को 1983 में नागरिकता मिली थी। अब राहुल और प्रियंका गांधी को डर सता रहा है कि कहीं उनकी मां की नागरिकता खत्म न हो जाए, इसलिए वह नागरिकता कानून का विरोध कर रहे हैं। सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सब राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं।
कलचुरी कलवार समाज के कार्यक्रम में भाग लेने आए राज्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नागरिकता कानून का राजनीतिकरण कर दिया गया है। विपक्षी दल घुसपैठियों को वोटबैंक मान रहे हैं और छात्र-छात्राओं को गुमराह किया जा रहा है। जेएनयू विवाद संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि लेफ्ट समर्थित नकाबपोश बदमाशों को बुलाकर अराजकता फैलाई गई। नकाबपोश लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई होनी चाहिए।
अखिलेश यादव द्वारा नागरिकता कानून के विरोध में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा किए जाने पर उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख हताश हो गए हैं। लश्कर-ए-तैयबा और टुकड़े-टुकड़े गैंग को वोट मानकर आगे बढ़ा रहे हैं। जनता जागरूक है, राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले दलों के झांसे में नहीं आएगी।
शादी स्थल पर ही पंजीकरण की तैयारी
राज्यमंत्री ने कहा कि शादी स्थल पर ही विवाह का पंजीकरण कराने पर विचार किया जा रहा है। नियम बनने के बाद अभिभावकों को पहले से विभाग को शादी के संबंध में जानकारी देनी होगी। जरूरी कागजात भी जमा करने पड़ेंगे। इसके बाद विभागीय टीम शादी स्थल पर पहुंचकर प्रोवीजनल प्रमाणपत्र जारी करेगी।
एक साल बाद मूल प्रमाणपत्र मिलेगा। स्टांप चोरी की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि स्टांप शुल्क ड्यूटी छह फीसदी बढ़ी है। डीएम को पांच और एडीएम को 25 बैनामों की क्रास जांच करनी होती है। इसकी पड़ताल कराई जा रही है कि किस अधिकारी ने कितनी जांच की।