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देवरिया से लीक होकर पेपर व्हाट्सएप से पहुंचता था झांसी

Sat, 29 Feb 2020 02:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 29 Feb 2020 02:06 AM IST
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up board exam paper leak
पेपर लीक कर सॉल्व करके बेचने के मामले में पकड़े गए आरोपी।
झांसी। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के पेपर देवरिया जिले से लीक होकर झांसी पहुुुंचते थे। परीक्षा से दो दिन पहले व्हाट्एस के जरिए पेपर झांसी आता था। इसके बाद बाकायदा पेपर सॉल्व होने के बाद ब्लूटूथ व हाइक मैसेंजर के जरिए कॉपी पहुंचाई जाती थी। यह पेपर व सॉल्व कॉपी तीन अलग-अलग दामों में बेची जाती थी। बृहस्पतिवार को दो नाबालिग समेत पांच छात्रों की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ है। पुलिस ने पांचों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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आईजी सुभाष सिंह बघेल व एसपी सिटी राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि एएसपी साद मियां खान, सीओ सिटी संग्राम सिंह, एसओेजी प्रभारी शैलेंद्र सिंह व प्रेमनगर थाना प्रभारी आशीष मिश्रा एक इंटर कॉलेज में दबिश देकर परीक्षा दे रहे दोनों छात्रों को पकड़ा था। दोनों के पास साल्व पेपर बरामद हुए। पेपर से मिलान कराने पर प्रश्न एक जैसे निकलने पर पुलिस ने दोनों छात्रों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में सीपरी बाजार के मिशन कंपाउंड निवासी राज गुप्ता, करारी निवासी राम अवतार व अभय से सॉल्व पेपर मिलने की जानकारी दी थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया था। तीनों के पास से एक लैपटॉप, पैन ड्राइव, चार मोबाइल, परीक्षा संबंधी प्रपत्रों के तीन बंडल मिले थे। पूछताछ में पता चला कि देवरिया जिले से पेपर लीक होकर व्हाट्सप से झांसी आता था।
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इसके बाद छात्रोें को बुलाकर रकम लेने के बाद ब्लूटूथ व हाइक मैसेंजर के जरिए पेपर व सॉल्व कॉपी दी जाती थी। यह पेपर व सॉल्व कॉपी चार से दस हजार रुपये में बेची जाती थी। सबसे ज्यादा डिमांड छात्रों में गणित व अंग्रेजी की थी।
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कई कोचिंग व कॉलेज के छात्र खरीद चुके पेपर
तीन आरोपियों ने इसके लिए कई कोचिंग के छात्रों को फंसाया, इसके बाद धीरे-धीरे कॉलेज के छात्रों को फंसाया गया। इसके लिए बाकायदा छात्रों ने अलग से व्हाट्सएप ग्रुप भी बना रखे थे। रकम देने के बाद पेपर व सॉल्व कॉपी मिलते ही छात्र व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा करते थे। महानगर की कई कोचिंग व कॉलेज के छात्र पेपर खरीदते थे।
अफसर बनने की थी तैयारी, बन गए अपराधी
पकड़े गया आरोपी रामअवतार एक कोचिंग से अधिकारी स्तर की पढ़ाई कर रहा था। अभय सेन व राज गुप्ता भी पढ़ाई में अव्वल थे। सभी ने अपने कॅरियर को लेकर खासी तैयार की थी, लेकिन अचानक तीनों अपने लक्ष्य से भटक गए और अफसर की जगह अपराधी बन बैठे। परिजनों ने बताया कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनके बच्चे क्या करने वाले हैं।
टीम को मिलेगा ईनाम व प्रशस्ति पत्र
आईजी ने टीम में शामिल एएसपी साद मियां खान, सीओ सिटी संग्राम सिंह, प्रेमनगर प्रभारी निरीक्षक आशीष मिश्रा, एसओजी प्रभारी शैलेंद्र सिंह, एसआई जितेंद्र सिंह तक्खर, एसआई रणविजय सिंह, शिवजीत सिंह, पदम गोस्वामी, प्रदीप सेंगर, शैलेंद्र सिंह व शिववीर सिंह को पचास हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की।

एसओजी ने देवरिया से तीन को पकड़ा
जानकारी मिलने के बाद झांसी की एसओजी टीम देवरिया पहुंची। यहां से रोजा खातून, शाली खातून और शाकिब अली को पकड़ा। तीनों बिहार के सिवान जिले के गुठनी थानाक्षेत्र के डड़ैला गांव के रहने वाले हैं। मीर अली हसन इंटर कॉलेज अकटही बाजार, बनकटा का एक शिक्षक इसका सरगना है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। एसओजी झांसी तीनों को अपने साथ लेकर गई। उनके पास मिले 10 सादे उत्तर पुस्तिकाओं के बारे में भी जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है।
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