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दिसंबर से ट्रेनों में जल्द भर सकेगा पानी
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झांसी। रेलवे स्टेशन पर नए क्विक वाटरिंग सिस्टम को लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। टेस्टिंग भी कर ली गई है। दिसंबर से इस सिस्टम को चालू कर लिया जाएगा। इस सिस्टम से ट्रेन के कोचों में 10 से 12 मिनट की जगह पांच मिनट में पानी भर जाएगा।
रेलवे स्टेशन पर पुरानी पाइपलाइन के जरिये हाइड्रेंट से ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था को हटाया जा रहा है। उसकी जगह 3.20 करोड़ की लागत से प्लेटफार्म के बराबर ऊंचाई से पाइपलाइन डालकर क्विक वाटरिंग सिस्टम को लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। सभी प्लेटफार्मों पर यह व्यवस्था की गई है। इस सिस्टम के लगने पर अब ट्रेन के कोचों में 10 से 12 मिनट की जगह पांच मिनट में पानी भर जाएगा। लॉकडाउन के पूर्व झांसी से प्रतिदिन अप और डाउन की 120 ट्रेनें गुजरतीं थीं। कोरोना महामारी के चलते अभी स्पेशल ट्रेनों का संचालन हो रहा है। प्रतिदिन 60 ट्रेनें झांसी से होकर गुजर रहीं हैं।
अभी हाइड्रेंट का वाल्व खोलकर लोग पटरियों के पास ही नहाना शुरू कर देते हैं। कई बार वाल्व खुला रहने पर पानी की बर्बादी होता रहता है। मगर क्विक वाटरिंग सिस्टम में ऐसा करना संभव नहीं होगा। हर पाइप के पहले एक लॉक लगेगा, जिसकी चाबी कर्मचारी के पास होगी। चाबी के बिना वाल्व नहीं खुल सकेगा। सीएंडडब्लू विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है। दिसंबर से यह सिस्टम चालू हो जाएगा।
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रेलवे स्टेशन पर पुरानी पाइपलाइन के जरिये हाइड्रेंट से ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था को हटाया जा रहा है। उसकी जगह 3.20 करोड़ की लागत से प्लेटफार्म के बराबर ऊंचाई से पाइपलाइन डालकर क्विक वाटरिंग सिस्टम को लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। सभी प्लेटफार्मों पर यह व्यवस्था की गई है। इस सिस्टम के लगने पर अब ट्रेन के कोचों में 10 से 12 मिनट की जगह पांच मिनट में पानी भर जाएगा। लॉकडाउन के पूर्व झांसी से प्रतिदिन अप और डाउन की 120 ट्रेनें गुजरतीं थीं। कोरोना महामारी के चलते अभी स्पेशल ट्रेनों का संचालन हो रहा है। प्रतिदिन 60 ट्रेनें झांसी से होकर गुजर रहीं हैं।
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अभी हाइड्रेंट का वाल्व खोलकर लोग पटरियों के पास ही नहाना शुरू कर देते हैं। कई बार वाल्व खुला रहने पर पानी की बर्बादी होता रहता है। मगर क्विक वाटरिंग सिस्टम में ऐसा करना संभव नहीं होगा। हर पाइप के पहले एक लॉक लगेगा, जिसकी चाबी कर्मचारी के पास होगी। चाबी के बिना वाल्व नहीं खुल सकेगा। सीएंडडब्लू विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया गया है। दिसंबर से यह सिस्टम चालू हो जाएगा।
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