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एक साथ होंगे पंचायत के चारों पद के चुनाव
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Together will be four panchayat election done
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झांसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ग्राम प्रधान एवं सदस्यों के चुनाव इस दफा अलग-अलग न कराकर एक साथ ही कराए जाएंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों ने साफ किया है कि इस बार एक साथ ही चुनाव कराए जाने की तैयारी चल रही है। इसी के मुताबिक चुनावी तैयारियां शुरू कराई गई हैं हालांकि अभी औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ लेकिन, उम्मीद जताई जा रही कि जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए जाएंगे।
मतदाता सूची तैयार करने की अधिसूचना जारी होने के साथ ही पंचायत चुनावों की सरगर्मी भी तेज हो गई। 2015 में हुए पंचायत चुनावों में क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य एवं ग्राम प्रधान के लिए अलग-अलग चुनाव कराए गए थे। एक साथ चुनाव होने के नाते इसमें मतदाताओं को सहूलियत होती है लेकिन, समय एवं संसाधन अत्यधिक लगाने पड़ते हैं। इस बार चुनाव पहले ही काफी विलंबित हो चुका। ऐसे में चारों पदों के लिए एक साथ ही चुनाव कराए जाने की तैयारी चल रही है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि एक साथ चुनाव कराए जाने में क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग मतपेटिका एवं ग्राम पंचायत सदस्य एवं ग्राम प्रधान के लिए अलग मतपेटिका का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक साथ चुनाव कराए जाने से समय बचने के साथ ही सरकारी धन की भी बचत हो सकेगी। प्रक्रिया से जुड़े अफसरों के मुताबिक इसके आधार पर ही इन दिनों चुनावी तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी होने की उम्मीद है। बता दें, अभी तक सरकार की ओर से भी पंचायत के सभी पदों के लिए अलग-अलग चुनाव कराए जाने के संकेत दिए जाते रहे हैं लेकिन, चुनाव के पिछड़ने की वजह से रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल इसी दिसंबर माह में पूरा हो रहा है।
एक से घर-घर जाएंगे बीएलओ, शिक्षामित्र को मिलेगा जिम्मा
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक एक अक्तूबर से बीएलओ घर-घर जाकर गणना एवं सर्वेक्षण का काम करेंगे। मतदाता बनने के लिए 1 अक्तूबर से पांच नवंबर के बीच ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किए जा सकेंगे। 6-12 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां मांगी जाएंगी। 13-19 दिसंबर के बीच इनका निपटरा होगा। इसके बाद इनकी अलग से सूची बनाकर इनको 20-28 दिसंबर के बीच प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात निर्वाचन नामावलियों का जनसमान्य के लिए अंतिम प्रकाशन 29 दिसंबर को किया जाएगा। वहीं, बीएलओ के लिए सूची तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शिक्षामित्रों को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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ग्रामीण अंचलों में तेज हुई राजनैतिक हलचल, मतदाता सूची पर सबकी निगाहें
मतदाता सूची के लिए अधिसूचना जारी होते ही ग्रामीण इलाकों में राजनैतिक सरगर्मियां एकाएक तेज हो गईं। निवर्तमान प्रधान के साथ ही चुनावी मैदान में किस्मत ठोंकने के लिए तैयार बैठे उम्मीदवार मतदाता सूची में अपने समर्थकों के नाम दर्ज कराने को बेचैन हैं। तमाम उम्मीदवारों ने क्षेत्रीय बीएलओ से संपर्क भी साधना शुरू कर दिया है।
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मतदाता सूची तैयार करने की अधिसूचना जारी होने के साथ ही पंचायत चुनावों की सरगर्मी भी तेज हो गई। 2015 में हुए पंचायत चुनावों में क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य एवं ग्राम प्रधान के लिए अलग-अलग चुनाव कराए गए थे। एक साथ चुनाव होने के नाते इसमें मतदाताओं को सहूलियत होती है लेकिन, समय एवं संसाधन अत्यधिक लगाने पड़ते हैं। इस बार चुनाव पहले ही काफी विलंबित हो चुका। ऐसे में चारों पदों के लिए एक साथ ही चुनाव कराए जाने की तैयारी चल रही है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि एक साथ चुनाव कराए जाने में क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग मतपेटिका एवं ग्राम पंचायत सदस्य एवं ग्राम प्रधान के लिए अलग मतपेटिका का इस्तेमाल किया जा सकता है। एक साथ चुनाव कराए जाने से समय बचने के साथ ही सरकारी धन की भी बचत हो सकेगी। प्रक्रिया से जुड़े अफसरों के मुताबिक इसके आधार पर ही इन दिनों चुनावी तैयारियां चल रही हैं। जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी होने की उम्मीद है। बता दें, अभी तक सरकार की ओर से भी पंचायत के सभी पदों के लिए अलग-अलग चुनाव कराए जाने के संकेत दिए जाते रहे हैं लेकिन, चुनाव के पिछड़ने की वजह से रणनीति में बदलाव करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल इसी दिसंबर माह में पूरा हो रहा है।
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एक से घर-घर जाएंगे बीएलओ, शिक्षामित्र को मिलेगा जिम्मा
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक एक अक्तूबर से बीएलओ घर-घर जाकर गणना एवं सर्वेक्षण का काम करेंगे। मतदाता बनने के लिए 1 अक्तूबर से पांच नवंबर के बीच ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किए जा सकेंगे। 6-12 दिसंबर तक दावे एवं आपत्तियां मांगी जाएंगी। 13-19 दिसंबर के बीच इनका निपटरा होगा। इसके बाद इनकी अलग से सूची बनाकर इनको 20-28 दिसंबर के बीच प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात निर्वाचन नामावलियों का जनसमान्य के लिए अंतिम प्रकाशन 29 दिसंबर को किया जाएगा। वहीं, बीएलओ के लिए सूची तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। शिक्षामित्रों को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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ग्रामीण अंचलों में तेज हुई राजनैतिक हलचल, मतदाता सूची पर सबकी निगाहें
मतदाता सूची के लिए अधिसूचना जारी होते ही ग्रामीण इलाकों में राजनैतिक सरगर्मियां एकाएक तेज हो गईं। निवर्तमान प्रधान के साथ ही चुनावी मैदान में किस्मत ठोंकने के लिए तैयार बैठे उम्मीदवार मतदाता सूची में अपने समर्थकों के नाम दर्ज कराने को बेचैन हैं। तमाम उम्मीदवारों ने क्षेत्रीय बीएलओ से संपर्क भी साधना शुरू कर दिया है।