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बालू का प्रहार, प्रभावित तीस हजार परिवार
amarujala
Updated Sat, 08 Jul 2017 12:51 AM IST
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- फोटो : demo
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पिछले तीन महीने से बालू नियमित नहीं आने के कारण लगभग सभी निर्माण कार्य बंद पड़े हैं। इसका सीधा असर राजमिस्त्री, मजदूर, ठेकेदार और बिल्डिंग मैटेरियल बेचने वाले परेशान हैं। जिले के करीब तीस हजार परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।
महानगर में निर्माण कार्य बंद होने से बेलदार, शटरिंग मजदूर, बालू और ईंट ढोने वाले मजदूर, पुटीन और पेंटिंग करने वाले कारीगर, छोटे सीमेंट कारोबारी, बिल्डिंग मैटेरियल एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाले ट्रैक्टर चालकों के परिवार शामिल हैं। पिछले दिनों बालू की आमद शुरू होने से इन लोगों को उम्मीद जागी थी कि अब व्यवस्थाएं ठीक होंगी, लेकिन बारिश के कारण बालू खनन पर रोक लगने से ये सब फिर खाली हाथ हो गए।
फोटो
उधारी भी नहीं चुका सके
मैंने पहले तीन महीने काम बंद रहने पर उधार लेकर परिवार चलाया था। उधार चुका भी नहीं पाया था कि अब फिर बालू न आने से काम मिलना बंद हो गया है। समझ नहीं आ रहा है कि अब तीन बच्चों के साथ परिवार कैसे चलाऊंगा।
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मनोज रायकवार, राजमिस्त्री।
फोटो
पहली बार झेल रहे ऐसा संकट
मेरी मजदूरी से ही परिवार चल रहा है। मेरे चार बच्चे हैं। घर चलाना पहले ही मुश्किल होता था। बालू की कमी से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। ऐसे संकट का सामना पहली बार करना पड़ रहा है।
कमलेश प्रजापति, राजमिस्त्री।
फोटो
नहीं मिल रहा भाड़ा
मुझे ट्रैक्टर ट्राली बालू, ईट और अन्य बिल्डिंग मैटेरियल एक जगह से दूसरे जगह डालने में अच्छा भाड़ा मिल जाता था। बालू न आने से कोई अन्य बिल्डिंग मैटेरियल का माल भी नहीं मंगा रहा है। इससे मैं तो परेशान हूं ही, मेरे मजदूरों के समक्ष भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
लखन प्रजापति, ट्रैक्टर चालक
फोटो
इतनी महंगी बालू कैसे खरीदे?
इतनी महंगी बालू खरीदकर तो उल्टा गांठ के पैसे लग जाएंगे। मालिक भी महंगी बालू लगवाने के लिए तैयार नहीं हैं। इस कारण मैंने अपने सभी निर्माण कार्य रोक दिए हैं। प्रशासन को इस मनमानी पर रोक लगाना चाहिए।
पवन तिवारी, बिल्डिंग ठेकेदार।
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पिछले तीन महीने से बालू नियमित नहीं आने के कारण लगभग सभी निर्माण कार्य बंद पड़े हैं। इसका सीधा असर राजमिस्त्री, मजदूर, ठेकेदार और बिल्डिंग मैटेरियल बेचने वाले परेशान हैं। जिले के करीब तीस हजार परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है।
महानगर में निर्माण कार्य बंद होने से बेलदार, शटरिंग मजदूर, बालू और ईंट ढोने वाले मजदूर, पुटीन और पेंटिंग करने वाले कारीगर, छोटे सीमेंट कारोबारी, बिल्डिंग मैटेरियल एक जगह से दूसरी जगह ले जाने वाले ट्रैक्टर चालकों के परिवार शामिल हैं। पिछले दिनों बालू की आमद शुरू होने से इन लोगों को उम्मीद जागी थी कि अब व्यवस्थाएं ठीक होंगी, लेकिन बारिश के कारण बालू खनन पर रोक लगने से ये सब फिर खाली हाथ हो गए।
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उधारी भी नहीं चुका सके
मैंने पहले तीन महीने काम बंद रहने पर उधार लेकर परिवार चलाया था। उधार चुका भी नहीं पाया था कि अब फिर बालू न आने से काम मिलना बंद हो गया है। समझ नहीं आ रहा है कि अब तीन बच्चों के साथ परिवार कैसे चलाऊंगा।
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मनोज रायकवार, राजमिस्त्री।
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पहली बार झेल रहे ऐसा संकट
मेरी मजदूरी से ही परिवार चल रहा है। मेरे चार बच्चे हैं। घर चलाना पहले ही मुश्किल होता था। बालू की कमी से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। ऐसे संकट का सामना पहली बार करना पड़ रहा है।
कमलेश प्रजापति, राजमिस्त्री।
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नहीं मिल रहा भाड़ा
मुझे ट्रैक्टर ट्राली बालू, ईट और अन्य बिल्डिंग मैटेरियल एक जगह से दूसरे जगह डालने में अच्छा भाड़ा मिल जाता था। बालू न आने से कोई अन्य बिल्डिंग मैटेरियल का माल भी नहीं मंगा रहा है। इससे मैं तो परेशान हूं ही, मेरे मजदूरों के समक्ष भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
लखन प्रजापति, ट्रैक्टर चालक
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इतनी महंगी बालू कैसे खरीदे?
इतनी महंगी बालू खरीदकर तो उल्टा गांठ के पैसे लग जाएंगे। मालिक भी महंगी बालू लगवाने के लिए तैयार नहीं हैं। इस कारण मैंने अपने सभी निर्माण कार्य रोक दिए हैं। प्रशासन को इस मनमानी पर रोक लगाना चाहिए।
पवन तिवारी, बिल्डिंग ठेकेदार।