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दिग्गजों की राजनीतिक विरासत को आगे नहीं बढ़ा पाए उनके बेटे

Thu, 10 Mar 2022 09:10 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 09:10 PM IST
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Their sons could not carry forward the political legacy of veterans
झांसी। इस विधानसभा चुनाव में झांसी और ललितपुर जनपद में सियासत के दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी। लेकिन, परिवार की विरासत को बेटे आगे नहीं बढ़ा पाए। जनता ने रतनलाल, चंद्रपाल, बुंदेला व रिछारिया परिवार को किया निराश।
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किसी जमाने में ललितपुर के बुंदेला परिवार की बुंदेलखंड की राजनीति में तूती बोलती थी। सुजान सिंह बुंदेला कांग्रेस से दो बार सांसद रहे, जबकि उनके भाई भगत राजा व पूरन सिंह बुंदेला मंत्री रह चुके हैं। सुजान सिंह के पुत्र चंद्रभूषण सिंह बुंदेला (गुड्डू राजा) इस चुनाव से ललितपुर सदर सीट से बसपा के टिकट पर मैदान थे, लेकिन वे जीत का स्वाद नहीं चख सके। कमोबेश यही स्थिति झांसी सदर सीट से कांग्रेस प्रत्याशी राहुल रिछारिया की भी रही। राहुल के दादा गोविंददास रिछारिया सांसद रहे, जबकि उनके पिता ओमप्रकाश रिछारिया प्रदेश सरकार में मंत्री रहे, लेकिन राहुल परिवार की राजनीति को आगे बढ़ाने में कामयाब नहीं हो पाए। इस कड़ी में बबीना से सपा प्रत्याशी यशपाल सिंह यादव का नाम भी आता है। यशपाल के पिता डा. चंद्रपाल सिंह यादव विधानसभा, लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं। लेकिन, पूरी ताकत लगाने के बाद भी यशपाल चुनाव नहीं जीत पाए। बबीना से भाजपा, सपा और बसपा के टिकट पर पांच बार विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रहे रतनलाल अहिरवार के बेटे रोहित रतन बसपा के टिकट पर मऊरानीपुर से मैदान में थे, लेकिन उनके हाथ भी निराशा ही लगी।
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