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Jhansi News: खैलार में 40 बकरा-बकरियों की मौत से मची खलबली
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संवाद न्यूज एजेंसी
बबीना। बबीना के खैलार गांव में सरकारी योजना के तहत पाले जा रहे बकरा-बकरियों की मौत से खलबली मच गई। खैलार गांव निवासी सावित्री देवी ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएमएल) योजना के तहत करीब 100 बकरा-बकरी का पालन किया था।
उनका कहना है कि पेट के कीड़े खत्म करने के लिए सरकारी पशु चिकित्सक की ओर से दवा पिलाई गई थी। कुछ समय बाद पशुओं की हालत बिगड़ने लगी। पहले 10 पशुओं की मौत हुई। उसके बाद अन्य पशु भी मरते चले गए।
अब तक कुल 40 बकरा-बकरियों की मौत हो चुकी है।किसान महिला ने मामले की जांच करके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मुआवजा दिलाने की मांग की है। एक साथ इतने पशुओं की मौत से गांव में खलबली मच गई। तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग बीमारी फैलने की बात कहने लगे। पशु चिकित्सक भी गांव में पहुंचे।
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पशु चिकित्सा अधिकारी बैजनाथ साहू ने बताया कि किसान महिला ने अस्पताल से दवा ली थी। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि पशुओं को दवा की ओवरडोज दे दी गई, जिससे दवा श्वास नली में चली गई और मौत हुई। उनका कहना है कि पशुओं की मौत के अन्य संभावित कारणों की जांच कराई जा रही है।
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बबीना। बबीना के खैलार गांव में सरकारी योजना के तहत पाले जा रहे बकरा-बकरियों की मौत से खलबली मच गई। खैलार गांव निवासी सावित्री देवी ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएमएल) योजना के तहत करीब 100 बकरा-बकरी का पालन किया था।
उनका कहना है कि पेट के कीड़े खत्म करने के लिए सरकारी पशु चिकित्सक की ओर से दवा पिलाई गई थी। कुछ समय बाद पशुओं की हालत बिगड़ने लगी। पहले 10 पशुओं की मौत हुई। उसके बाद अन्य पशु भी मरते चले गए।
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अब तक कुल 40 बकरा-बकरियों की मौत हो चुकी है।किसान महिला ने मामले की जांच करके दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही मुआवजा दिलाने की मांग की है। एक साथ इतने पशुओं की मौत से गांव में खलबली मच गई। तमाशबीनों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग बीमारी फैलने की बात कहने लगे। पशु चिकित्सक भी गांव में पहुंचे।
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पशु चिकित्सा अधिकारी बैजनाथ साहू ने बताया कि किसान महिला ने अस्पताल से दवा ली थी। उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि पशुओं को दवा की ओवरडोज दे दी गई, जिससे दवा श्वास नली में चली गई और मौत हुई। उनका कहना है कि पशुओं की मौत के अन्य संभावित कारणों की जांच कराई जा रही है।