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न टेल तक पहुंच रहा पानी, न मिल रही बिजली

Wed, 13 Jan 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Wed, 13 Jan 2016 01:13 AM IST
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Tail not reach water, not getting power
झांसी। मंगलवार को सिंचाई बंधु की बैठक में किसान नेताओं ने अफसरों पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को न पानी मिल रहा है और न बिजली, ऐसे में वह क्या करें। बैठक में किसानों की समस्याओं को कम करने के लिए कई सुझाव भी दिए गए।
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सिंचाई विभाग के बेतवा भवन कार्यालय सभाकक्ष में मंगलवार को सिंचाई, विद्युत, नलकूप व कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में किसान नेता जवाहर लाल राजपूत ने कहा कि सिंचाई विभाग ने नहरों के संचालन का 60 दिन का रोस्टर बनाया था, जबकि नहरें ढाई महीने से अधिक समय से चल रही हैं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण अभी भी कई जगह टेल तक पानी नहीं पहुंच पाया है।
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इससे सैकड़ों किसानों की खेती बुवाई के लिए पड़ी है। कई नालों में बेवजह पानी बह रहा है। गौरीशंकर बिदुआ ने कहा कि किसानों को निजी नलकूपों पर विद्युत विभाग वसूली नोटिस भेज रहा है। जबकि किसान को खराब ट्रांसफार्मर व तारों के कारण पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। ट्रांसफार्मर फुुंकने पर उसको बदलने की प्रक्रिया का सरलीकरण होना चाहिए। किसान को फुंका ट्रांसफार्मर लेकर खुद ही आना पड़ता है और फिर जगह- जगह हस्ताक्षर कराने के लिए भटकना पड़ता है।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र सिंह यादव ने सूखे से पीड़ित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने व बिजली का बिल माफ करने की मांग की। उन्होंने एक ही नाले पर कई जगह चेकडैम बनाने का सुझाव दिया, ताकि पानी का अधिक से अधिक सदुपयोग हो सके। किसानों को स्प्रिंकलर सेट लगाने के लिए प्रोत्साहित करने व उस पर नब्बे फीसदी सब्सिडी देने का भी सुझाव दिया गया।

गरौठा विधायक के प्रतिनिधि सोबरन सिंह यादव, बबीना विधायक के प्रतिनिधि रमेश राजपूत आदि ने बेतवा नहर की सिल्ट सफाई पर खर्च हुए 45 लाख पर सवाल पूछे, मगर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बैठक में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता (प्रथम) रजनीश कुमार, सहायक अभियंता (द्वितीय) बी एल नामदेव आदि अधिकारी मौजूद थे।

सिंचाई अफसरों ने की खानापूरी
सिंचाई बंधु की बैठक को अफसर गंभीरता से कम ही लेते हैं, जबकि इन बैठकों में किसानों के जमीनी मुद्दों को उठाया जाता है। बैठक में सहायक अभियंता स्तर के अधिकारियों को भेजकर सिर्फ खानापूरी की जाती है। यही हाल मंगलवार को हुई बैठक का भी हुआ।


बैठक में अधिशासी अभियंता स्तर का भी कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। जबकि, सिंचाई विभाग झांसी में मुख्य अभियंता (स्तर प्रथम) तक के अधिकारी बैठते हैं। इससे प्रतीत होता है कि अफसर सिर्फ अपनी नौकरी कर रहे हैं, उन्हें न तो किसानों की समस्याओं से कोई लेना देना है और न ही जनप्रतिनिधियों के सुझावों से।
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