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बैक पेपर आने से परेशान छात्रा ने जान दी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2016 02:11 AM IST
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suicide, jhansi hindi news
- फोटो : demo
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झांसी। शिवाजी नगर में किराए के मकान में रहने वाली एक छात्रा ने सोमवार की रात दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। मंगलवार की सुबह उसका शव पंखे पर लटका पाया गया। सुसाइड नोट में युवती ने बैक पेपर आने को मौत का कारण लिखा है।
फर्रुखाबाद के कमाल गंज निवासी सूरज नागर की पुत्री आराधना उर्फ मोनू नागर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष (बायोलॉजी) की छात्रा थी। वह शिवाजी नगर में राजेंद्र साहू के मकान में किराए पर रह रही थी। सोमवार की रात नौ बजे वह पास में रहने वाली सहेलियों के घर से लौटी और अपने कमरे में चली गई। मंगलवार की सुबह सहेलियां उससे मिलने आईं। पहले तो दरवाजा न खुलने पर सहेलियां यह विचार कर वापस लौट गईं कि वह सो रही होगी। मगर, जब आधे घंटे बाद दोबारा दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने मकान मालिक को मामले की जानकारी दी।
जब काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद भी गेट नहीं खुला तो अनहोनी जानकर मकान मालिक ने खिड़की खोलकर देखा तो वह अवाक रह गए। आराधना पंखे पर लटक रही थी, उसने दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इधर, हादसे की सूचने पर सीपरी बाजार के न्यू रायगंज में रहने वाले मृतका के मौसा राजेश व मौसी गीता मौके पर पहुंच गए। परिजनों को हादसे से की सूचना दे दी गई है।
मम्मी-पापा मेरी चिंता मत करना
फर्रुखाबाद निवासी सूरज नागर डिग्री कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं। वह चतुर्थ श्रेणी कर्मी थे। उनकी तीन बेटे व दो बेटियां हैं। भाई-बहनों में आराधना चौथे नंबर की थी। अपने सुसाइड नोट में उसने लिखा कि मम्मी-पापा मेरी चिंता मत करना। परीक्षा में बैक पेपर आने से बेहद चिंतित हूं। इस कारण यह कदम उठाने के लिए मजबूर हूं।
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फर्रुखाबाद के कमाल गंज निवासी सूरज नागर की पुत्री आराधना उर्फ मोनू नागर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष (बायोलॉजी) की छात्रा थी। वह शिवाजी नगर में राजेंद्र साहू के मकान में किराए पर रह रही थी। सोमवार की रात नौ बजे वह पास में रहने वाली सहेलियों के घर से लौटी और अपने कमरे में चली गई। मंगलवार की सुबह सहेलियां उससे मिलने आईं। पहले तो दरवाजा न खुलने पर सहेलियां यह विचार कर वापस लौट गईं कि वह सो रही होगी। मगर, जब आधे घंटे बाद दोबारा दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने मकान मालिक को मामले की जानकारी दी।
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जब काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद भी गेट नहीं खुला तो अनहोनी जानकर मकान मालिक ने खिड़की खोलकर देखा तो वह अवाक रह गए। आराधना पंखे पर लटक रही थी, उसने दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इधर, हादसे की सूचने पर सीपरी बाजार के न्यू रायगंज में रहने वाले मृतका के मौसा राजेश व मौसी गीता मौके पर पहुंच गए। परिजनों को हादसे से की सूचना दे दी गई है।
मम्मी-पापा मेरी चिंता मत करना
फर्रुखाबाद निवासी सूरज नागर डिग्री कॉलेज से सेवानिवृत्त हैं। वह चतुर्थ श्रेणी कर्मी थे। उनकी तीन बेटे व दो बेटियां हैं। भाई-बहनों में आराधना चौथे नंबर की थी। अपने सुसाइड नोट में उसने लिखा कि मम्मी-पापा मेरी चिंता मत करना। परीक्षा में बैक पेपर आने से बेहद चिंतित हूं। इस कारण यह कदम उठाने के लिए मजबूर हूं।