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हड़ताल - एंबुलेंस सेवाएं ठप, मरीज हुए परेशान
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झांसी। एंबुलेंस सेवा एएलएस को संचालित करने की जिम्मेदारी नई कंपनी को दी गई है। कंपनी द्वारा नए सिरे से कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है, जिसको लेकर कई दिनों से कर्मचारियों द्वारा विरोध किया जा रहा था। सोमवार को एएलएस कर्मचारियों के समर्थन में 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारी आ जाने से आंदोलन बड़ा हो गया। दो सौ कर्मियों ने हड़ताल कर दिगारा पुल के पास 53 एंबुलेंस को खड़ा कर प्रदर्शन किया। एंबुलेंस सेवाएं बंद होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम तक हड़ताली कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया।
वर्ष 2012 में कंपनी द्वारा जिले में लगभग 16 एएलएस कर्मचारियों को नियुक्त किया था, जिसमें ईएमटी व पायलट मरीजों को सेवाएं दे रहे थे। इसके एवज में कंपनी द्वारा उनको बारह हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। लेकिन कंपनी का बदलाव होते ही नई कंपनी द्वारा सिक्योरिटी के रूप में बीस हजार रुपये जमा करने के साथ ही पुराने कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। इसके चलते कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था। एएलएस कर्मचारियों के समर्थन में 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों के आते ही प्रदर्शन ने बड़ा रूप धारण कर लिया है। जिसके चलते दिगारा में 53 एंबुलेंस के साथ लगभग दो सौ कर्मचारियों ने हड़ताल कर एंबुलेंस को खड़ा कर दिया। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अफसरों द्वारा बातचीत कर हड़ताल खत्म कराने के प्रयास किया गया। लेकिन कर्मचारी किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं हुए हैं।
एंबुलेंस सेवा के मंडल प्रबंधक दिनेश सिंह ने बताया कि एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर लखनऊ में अधिकारियों द्वारा वार्ता की जा रहीं है। जल्द ही हल निकलने की संभावना है।
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वर्ष 2012 में कंपनी द्वारा जिले में लगभग 16 एएलएस कर्मचारियों को नियुक्त किया था, जिसमें ईएमटी व पायलट मरीजों को सेवाएं दे रहे थे। इसके एवज में कंपनी द्वारा उनको बारह हजार रुपये का भुगतान किया जाता था। लेकिन कंपनी का बदलाव होते ही नई कंपनी द्वारा सिक्योरिटी के रूप में बीस हजार रुपये जमा करने के साथ ही पुराने कर्मचारियों को हटाकर नए कर्मचारियों को नियुक्त किया जा रहा है। इसके चलते कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया था। एएलएस कर्मचारियों के समर्थन में 102 और 108 एंबुलेंस कर्मचारियों के आते ही प्रदर्शन ने बड़ा रूप धारण कर लिया है। जिसके चलते दिगारा में 53 एंबुलेंस के साथ लगभग दो सौ कर्मचारियों ने हड़ताल कर एंबुलेंस को खड़ा कर दिया। इससे शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अफसरों द्वारा बातचीत कर हड़ताल खत्म कराने के प्रयास किया गया। लेकिन कर्मचारी किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं हुए हैं।
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एंबुलेंस सेवा के मंडल प्रबंधक दिनेश सिंह ने बताया कि एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर लखनऊ में अधिकारियों द्वारा वार्ता की जा रहीं है। जल्द ही हल निकलने की संभावना है।
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