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Jhansi News: अब खुद के नाम दुकान करा सकेंगे सिकमी किरायेदार
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सिकमी किरायेदार अब खुद के नाम नगर निगम की दुकान करा सकेंगे। इसके लिए दरों का निर्धारण कर दिया गया है। 31 जुलाई तक का मौका दिया गया है। इसके अलावा खून के रिश्ते में भी दुकान स्थानांतरण कर सकेंगे।
महानगर में तिलक मार्केट, सुभाषगंज, नया और पुराना बस स्टैंड, शिवाजी नगर, नई तहसील, सीपरी बाजार आदि जगहों पर नगर निगम की 800 से अधिक दुकानें हैं। इनमें से कई दुकानों में सिकमी किरायेदार काबिज हैं। बीती 20 जनवरी को हुई नगर निगम सदन की बैठक में सिकमी किरायेदारों को तय शुल्क जमा करने के बाद विनियमित करने का निर्णय लिया गया था। अब नगर निगम ने सिकमी किरायेदारों को अधिकृत किरायेदार बनने के लिए 31 जुलाई तक का मौका दिया है। सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सात हजार रुपये प्रति वर्ग फुट या फिर डीएम सर्किल रेट का 40 फीसदी, जो भी कम हो जमा करके सिकमी किरायेदार नियमित हो सकेंगे। एकमुश्त समाधान योजना के अंतर्गत छह महीने का अग्रिम किराया जमा करना होगा। जबकि, खून के रिश्ते में मूल किरायेदार अथवा आवंटी की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी के नाम दुकान हस्तांतरण 500 रुपये प्रति वर्गफुट राशि जमा करके किया जाएगा। यदि किसी की दुकान का किराया बाकी है, तो पहले उसे नगर निगम को जमा करना होगा। सिकमी किरायदारों के अधिकृत किरायेदार बनने पर निगम द्वारा अनुबंध किया जाएगा। प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। तय समय में ऐसा नहीं करने पर निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
सर्किल रेट के हिसाब से लिया जाएगा किराया
नगर निगम अब डीएम सर्किल रेट के हिसाब से दुकानों का किराया लेगा। बताया गया कि निगम ने पिछले कई सालों से किराये में वृद्धि नहीं की है। इस कारण राजस्व को हानि हो रही है।
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झांसी। सिकमी किरायेदार अब खुद के नाम नगर निगम की दुकान करा सकेंगे। इसके लिए दरों का निर्धारण कर दिया गया है। 31 जुलाई तक का मौका दिया गया है। इसके अलावा खून के रिश्ते में भी दुकान स्थानांतरण कर सकेंगे।
महानगर में तिलक मार्केट, सुभाषगंज, नया और पुराना बस स्टैंड, शिवाजी नगर, नई तहसील, सीपरी बाजार आदि जगहों पर नगर निगम की 800 से अधिक दुकानें हैं। इनमें से कई दुकानों में सिकमी किरायेदार काबिज हैं। बीती 20 जनवरी को हुई नगर निगम सदन की बैठक में सिकमी किरायेदारों को तय शुल्क जमा करने के बाद विनियमित करने का निर्णय लिया गया था। अब नगर निगम ने सिकमी किरायेदारों को अधिकृत किरायेदार बनने के लिए 31 जुलाई तक का मौका दिया है। सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि सात हजार रुपये प्रति वर्ग फुट या फिर डीएम सर्किल रेट का 40 फीसदी, जो भी कम हो जमा करके सिकमी किरायेदार नियमित हो सकेंगे। एकमुश्त समाधान योजना के अंतर्गत छह महीने का अग्रिम किराया जमा करना होगा। जबकि, खून के रिश्ते में मूल किरायेदार अथवा आवंटी की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी के नाम दुकान हस्तांतरण 500 रुपये प्रति वर्गफुट राशि जमा करके किया जाएगा। यदि किसी की दुकान का किराया बाकी है, तो पहले उसे नगर निगम को जमा करना होगा। सिकमी किरायदारों के अधिकृत किरायेदार बनने पर निगम द्वारा अनुबंध किया जाएगा। प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। तय समय में ऐसा नहीं करने पर निगम नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
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सर्किल रेट के हिसाब से लिया जाएगा किराया
नगर निगम अब डीएम सर्किल रेट के हिसाब से दुकानों का किराया लेगा। बताया गया कि निगम ने पिछले कई सालों से किराये में वृद्धि नहीं की है। इस कारण राजस्व को हानि हो रही है।
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