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बेसमेंट से मरीज शिफ्ट किए, यंत्र भी लगवाए

Sat, 05 Aug 2017 01:17 AM IST
amarujala
amarujala Updated Sat, 05 Aug 2017 01:17 AM IST
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Shift the patient from the basement, put the machine too
hospital jhansi news - फोटो : demo
झांसी। शुक्रवार को जांच के दौरान पता लगा कि कई नर्सिंगहोम संचालकों ने आग बुझाने के इंतजाम पर काम शुरू कर दिया है। अग्निशमन यंत्र लगवा लिए और बेसमेंट से मरीजों को हटाकर उन्हें अन्य कमरों में शिफ्ट कर दिया। लेकिन अभी ज्यादातर नर्सिंगहोम संचालकों ने मानक और नियमों के मुताबिक नर्सिंग होम का नक्शा स्वीकृत नहीं करवाया है। इसके लिए उन्हें 10 अगस्त तक की मोहलत दी गई है।
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फायर ब्रिगेड की टीम शुक्रवार को कई निजी अस्पतालों में पहुंची और जांच की। इस दौरान देखा कि ज्यादातर में अग्निशमन यंत्र लगे थे और बेसमेंट से भी मरीजों को शिफ्ट कर दिया गया था। कुछ में वह पाइप लाइन नहीं बिछाई गई, जिनके जरिए पानी चौतरफा पहुंचाया जाता है। इसके लिए नर्सिंग होम संचालकों को हिदायत दी गई है। लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में में आग लगने की घटना के बाद 17 जुलाई से अमर उजाला ने मानकों की धज्ज्यिां उड़ाने वाले नर्सिंगहोम के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। 19 दिन से लगातार खबरें प्रकाशित करने के दौरान अस्पतालों की तमाम खामियां उजागर हुई हैं। साथ ही जिम्मेदारों की भी पोल खुली है। शुक्रवार को अग्निशमन विभाग की टीम ने शहर के कपूर, विनायक, मेघराज मेमोरियल, यश जैन, वात्सल्य महिला, हैपी फैमली नर्सिंगहोम की जांच की। 
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि कपूर नर्सिंग होम में सभी सात अग्निशमन यंत्र ठीक मिले। बेसमेंट भी खाली है। हालांकि, यहां पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है। वहीं, विनायक में भी सभी सात अग्निशमन यंत्र ठीक और बेसमेंट खाली मिला। मगर अस्पताल के ऊपर घर बना हुआ है। मेघराज में बेसमेंट खाली होने के अलावा 15 सिलेंडर सही मिले। यहां टंकी और पाइप लाइन की भी व्यवस्था है। यश जैन में सभी सिलेंडर सही थे। वात्सल्य में तीन यंत्र सही मिले। हैपी फैमली में छह सिलेंडर और बेसमेंट खाली मिला। टंकी जरूर बनी है मगर पाइप लाइन की जरूरत है। शंकर अस्पताल की भी जांच की गई। कुछ दिन पहले तक यहां मरीज भर्ती थे मगर अब अस्पताल का बेसमेंट पूरी तरह खाली हो गया है। उन्होंने बताया कि जहां पाइप लाइन की व्यवस्था नहीं है, उन अस्पतालों को नोटिस दिया जाएगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि जब तक सभी सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हो जाते, जांच जारी रहेगी।
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