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25 व 26 जून को होगी सारस की गिनती
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झांसी। वन विभाग 25 और 26 जून को सारस की गिनती कराएगा। इसके लिए वन विभाग ने टीमों को गठित कर दिया है। पिछले साल हुई गणना के अनुसार जिले में एक भी सारस होने की पुष्टि नहीं थी। हालांकि इस बार वन विभाग को इजाफा होने की उम्मीद है। जिले के सातों रेंज में बनाए गए चिह्नित स्थानों पर सारस की गिनती होगी।
विश्व का सबसे विशाल उड़ने वाला व भारत देश में सबसे अधिक पाए जाने वाला पक्षी सारस जिले में तेजी से विलुप्त हो गया है जिसको लेकर वन विभाग चिंतित है। वन विभाग साल में दो बार सारस की गिनती कराता है। वर्ष 2017 व 2018 की गणना के तहत जिले में एक भी सारस नहीं पाया गया था। जिले से विलुप्त हो गए सारस की ग्रीष्म कालीन गणना 25 व 26 जून को होगी। विभाग ने टीमों का गठन कर दिया है। जिले में बनाए गए सातों जोन के झांसी, बबीना, चिरगांव, गुरसरांय, मोंठ, बामौर व मऊरानीपुर समय को भी निर्धारित कर दिया गया है। सारस की गिनती सुबह छह से आठ बजे व शाम चार से छह बजे तक होगी।
वन विभाग के वन संरक्षक एके सिंह ने बताया कि नियमानुसार साल में दो बार सारस की गिनती होती है। सारस की गिनती करने के लिए जून का महीना आदर्श होता है। 25 व 26 जून को जिले में सारस की गिनती होगी। इसकेलिए टीमों का गठन कर दिया गया है।
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विश्व का सबसे विशाल उड़ने वाला व भारत देश में सबसे अधिक पाए जाने वाला पक्षी सारस जिले में तेजी से विलुप्त हो गया है जिसको लेकर वन विभाग चिंतित है। वन विभाग साल में दो बार सारस की गिनती कराता है। वर्ष 2017 व 2018 की गणना के तहत जिले में एक भी सारस नहीं पाया गया था। जिले से विलुप्त हो गए सारस की ग्रीष्म कालीन गणना 25 व 26 जून को होगी। विभाग ने टीमों का गठन कर दिया है। जिले में बनाए गए सातों जोन के झांसी, बबीना, चिरगांव, गुरसरांय, मोंठ, बामौर व मऊरानीपुर समय को भी निर्धारित कर दिया गया है। सारस की गिनती सुबह छह से आठ बजे व शाम चार से छह बजे तक होगी।
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वन विभाग के वन संरक्षक एके सिंह ने बताया कि नियमानुसार साल में दो बार सारस की गिनती होती है। सारस की गिनती करने के लिए जून का महीना आदर्श होता है। 25 व 26 जून को जिले में सारस की गिनती होगी। इसकेलिए टीमों का गठन कर दिया गया है।
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