फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   sahitya kumbh from today in bu

बीयू में आज से साहित्य ‘कुंभ’

Tue, 29 Mar 2016 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 29 Mar 2016 01:12 AM IST
विज्ञापन
sahitya kumbh from today in bu
bu, jhansi hindi news - फोटो : demo
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार से शुरू हो रहे साहित्य ‘कुंभ’ में देश भर के 18 बड़े विद्वान हिस्सा लेकर अपने विचार रखेंगे। बुंदेलखंड में साहित्य की परंपरा विषयक दो दिवसीय इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य अतिथि साहित्य अकादेमी के अध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र नाथ तिवारी होंगे।
विज्ञापन


बीयू के कमेटी रूम में सोमवार को हुई पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय स्थानीय होते हुए भी सार्वदेशिक है। उन्होंने कहा कि साहित्य की दृष्टि से बुंदेलखंड बहुत समृद्ध है, इसलिए खुशी की बात है यहां इतनी बड़ी हस्तियां आ रही हैं। संगोष्ठी में खड़ी बोली और बुंदेली पर विशेष फोकस रहेगा।
विज्ञापन


सुबह साढ़े दस बजे से शुरू होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी की अध्यक्षता कुलपति करेंगे, जिसमें बीज वक्तव्य प्रख्यात आलोचक, अनुवादक रमाशंकर त्रिपाठी का रहेगा। इसके ठीक बाद साढ़े ग्यारह से डेढ़ बजे तक काव्य की परंपरा विषयक प्रथम सत्र चलेगा, जिसकी अध्यक्षता सदानंद प्रसाद गुप्त करेंगे और मुख्य वक्ता त्रिभुवन नाथ शुक्ल होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


कथा साहित्य की परंपरा विषय पर ढाई से साढे़ चार बजे तक चलने वाले द्वितीय सत्र की अध्यक्षता हिंदी अकादमी की उपाध्यक्ष मैत्रेयी पुष्पा करेंगी। उन्होंने बुंदेलखंड महाविद्यालय से पढ़ाई की है। मुख्य वक्ता विजय बहादुर सिंह होंगे। शाम पांच बजे बुंदेली संख्या का आयोजन किया जाएगा।

अब संस्कृत, इतिहास विभाग खोलने पर निगाह
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग खुलने पर मुहर लग चुकी है। बीते डेढ़ दशक से समाज के लोग बीयू में हिंदी विभाग खोलने को लेकर प्रयासरत थे। इसके लिए हस्ताक्षर अभियान तक चलाया जा चुका है। कुलपति ने बताया कि हिंदी विभाग के लिए किताबों की खरीद कर विश्वविद्यालय के केंद्रीय लाइब्रेरी में रखवाई जा चुकी हैं।


राज्य सरकार से एक औपचारिक अनुमति पत्र प्राप्त होते ही विभाग निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। वहीं, एक सवाल के जवाब में कुलपति ने बताया कि अब बीयू में संस्कृत और प्राचीन व मध्यकालीन इतिहास का विभाग खुलवाने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed