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पढ़ाई की खातिर घरवालों से बगावत
झांसी / ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jun 2015 12:08 AM IST
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दसवीं के बाद पढ़ाई कर अपना भविष्य बनाने के सपने देख रही युवती पर शादी का दवाब बनाना घरवालों को भारी पड़ गया। युवती ने सोमवार को एसएसपी से फरियाद कर पिता पर पढ़ाई में अवरोध डालने के साथ ही जान का खतरा होने का भी आरोप लगाया।
प्रेमनगर निवासी एक युवती ने बताया कि उसने दसवीं की परीक्षा दी है। वह बालिग है, उसका सपना पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना है। मगर माता-पिता सपना पूरा करने में अड़चन डाल रहे हैं। परिजनों ने उसकी मर्जी के बगैर बड़ागांव निवासी एक युवक से शादी तय कर दी है, जिसका उसने काफी विरोध किया। लेकिन परिजनों ने उसकी बात नहीं सुनी और 22 अप्रैल को शादी की तारीख तय कर दी। उसकी बात न सुने जाने पर आहत होकर वह 10 मार्च को घर से चली गई। वह रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो वहां एक ट्रेन खड़ी मिली जिसमें सवार होकर वह हरिद्वार पहुंची। कुछ समय हरिद्वार रुकने के बाद वह घर लौटकर आई तो परिजन फिर शादी का दबाव डालने लगे हैं। उसने बताया कि वह आगे पढ़ना चाहती है। मगर परिजन शादी का दबाव बना रहे हैं। आए दिन उसके साथ मारपीट करते हैं। उसने एसएसपी से जान की रक्षा करने की गुहार लगाते हुए कहा कि वह अपना अच्छा बुरा जानती है। यदि घर वालों को उसकी बात स्वीकार नहीं तो वह अलग रहकर पढ़ेगी और जिम्मेदारी भी स्वयं उठा लेगी। उसने कहा कि अब उसे अपनी जान का खतरा है, यदि उसे कुछ हो जाता है तो उसके पिता पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। एसएसपी ने युवती के प्रार्थनापत्र पर थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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प्रेमनगर निवासी एक युवती ने बताया कि उसने दसवीं की परीक्षा दी है। वह बालिग है, उसका सपना पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा होना है। मगर माता-पिता सपना पूरा करने में अड़चन डाल रहे हैं। परिजनों ने उसकी मर्जी के बगैर बड़ागांव निवासी एक युवक से शादी तय कर दी है, जिसका उसने काफी विरोध किया। लेकिन परिजनों ने उसकी बात नहीं सुनी और 22 अप्रैल को शादी की तारीख तय कर दी। उसकी बात न सुने जाने पर आहत होकर वह 10 मार्च को घर से चली गई। वह रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो वहां एक ट्रेन खड़ी मिली जिसमें सवार होकर वह हरिद्वार पहुंची। कुछ समय हरिद्वार रुकने के बाद वह घर लौटकर आई तो परिजन फिर शादी का दबाव डालने लगे हैं। उसने बताया कि वह आगे पढ़ना चाहती है। मगर परिजन शादी का दबाव बना रहे हैं। आए दिन उसके साथ मारपीट करते हैं। उसने एसएसपी से जान की रक्षा करने की गुहार लगाते हुए कहा कि वह अपना अच्छा बुरा जानती है। यदि घर वालों को उसकी बात स्वीकार नहीं तो वह अलग रहकर पढ़ेगी और जिम्मेदारी भी स्वयं उठा लेगी। उसने कहा कि अब उसे अपनी जान का खतरा है, यदि उसे कुछ हो जाता है तो उसके पिता पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। एसएसपी ने युवती के प्रार्थनापत्र पर थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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