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राहत: बीमा कंपनी ने दिया चोरी की बाइक का हर्जाना
Thu, 13 Jul 2023 12:08 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 13 Jul 2023 12:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। महानगर के खैलार निवासी दिनेश यादव ने अपनी बाइक का बीमा करवाया था, जिससे उसे भविष्य में चोरी या दुर्घटना में बाइक क्षतिग्रस्त होने पर हर्जाना मिल सके। इसके लिए भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने 1046 रुपये प्रीमियम लेकर 22800 रुपये बाइक की कीमत का बीमा किया था। जो पांच जुलाई 2017 से चार जुलाई 2018 तक वैध था, इसी बीच दिनेश यादव की बाइक शिवाजी नगर स्थित घर के बाहर से चोरी हो गई। जिसकी उसने कानूनी कार्रवाई भी की थी। चूंकि पुलिस द्वारा बाइक बरामद न होने पर उसने कंपनी से बीमा की राशि मांगी, जिस पर कंपनी द्वारा सर्वे करके नो क्लेम राशि बोलकर केस बंद कर दिया। मानसिक प्रताड़ना होने पर उन्होंने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 03 जून 2019 में दावा दायर किया, जिसकी सुनवाई के बाद सही मानते हुए आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह, सदस्य ज्योति प्रभा जैन, देवेश अग्निहोत्री की बेंच ने मामले में फैसला सुनाया है। जिसमें भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक को 17,100 रुपये बीमा राशि व मानसिक और आर्थिक कष्ट का 5000 हजार रुपये सात प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। जिस पर बीमा कंपनी ने भी स्वीकृति दे दी है। अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह के मुताबिक बीमा कंपनियां पहले लोक लुभावने वादे करके प्रीमियम भरवा लेते हैं। इसके बाद क्लेम देने से बचते हैं। इसके लिए पीड़ित उपभोक्ता आयोग में अपना पक्ष रख सकता है।
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झांसी। महानगर के खैलार निवासी दिनेश यादव ने अपनी बाइक का बीमा करवाया था, जिससे उसे भविष्य में चोरी या दुर्घटना में बाइक क्षतिग्रस्त होने पर हर्जाना मिल सके। इसके लिए भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने 1046 रुपये प्रीमियम लेकर 22800 रुपये बाइक की कीमत का बीमा किया था। जो पांच जुलाई 2017 से चार जुलाई 2018 तक वैध था, इसी बीच दिनेश यादव की बाइक शिवाजी नगर स्थित घर के बाहर से चोरी हो गई। जिसकी उसने कानूनी कार्रवाई भी की थी। चूंकि पुलिस द्वारा बाइक बरामद न होने पर उसने कंपनी से बीमा की राशि मांगी, जिस पर कंपनी द्वारा सर्वे करके नो क्लेम राशि बोलकर केस बंद कर दिया। मानसिक प्रताड़ना होने पर उन्होंने उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 03 जून 2019 में दावा दायर किया, जिसकी सुनवाई के बाद सही मानते हुए आयोग के अध्यक्ष अमर पाल सिंह, सदस्य ज्योति प्रभा जैन, देवेश अग्निहोत्री की बेंच ने मामले में फैसला सुनाया है। जिसमें भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक को 17,100 रुपये बीमा राशि व मानसिक और आर्थिक कष्ट का 5000 हजार रुपये सात प्रतिशत ब्याज सहित देने के आदेश दिए हैं। जिस पर बीमा कंपनी ने भी स्वीकृति दे दी है। अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह के मुताबिक बीमा कंपनियां पहले लोक लुभावने वादे करके प्रीमियम भरवा लेते हैं। इसके बाद क्लेम देने से बचते हैं। इसके लिए पीड़ित उपभोक्ता आयोग में अपना पक्ष रख सकता है।