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बारिश के साथ ओले, बिजली गिरी और फटा पहाड़
jhansi
Updated Mon, 12 Feb 2018 01:09 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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रविवार को मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आने से जिले में हल्की बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरे। बिजली गिरने से घरों के विद्युत उपकरण फुंक गए और न्यू इंद्रानगर के पीछे स्थित सिद्देश्वर का पहाड़ फट गया। पत्थर के छोटे, बड़े टुकड़े काफी दूर जाकर गिरे। घर के छतों पर खड़ी कुछ महिलाओं को हल्की चोटें भी आईं।
पिछले तीन-चार दिनों से मौसम में ठंडक लौटी थी। मौसम विभाग ने बारिश का पूर्वानुमान भी जताया था। रविवार को यह सही साबित हुआ। सुबह से ही आसमान में बादल घिरे रहे। बीच-बीच में कुछ देर के लिए ही सूरज निकला। सुबह साढ़े आठ बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ देर बाद बंद हो गई। इसके बाद साढ़े दस बजे फिर से बूंदाबांदी होने लगी। 15-20 मिनट बाद फिर रुक गई। दोपहर तीन बजे से फिर कुछ देर के लिए बूंदे गिरीं। इसके बाद भी रात तक बीच-बीच में रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। वहीं, दोपहर साढ़े तीन बजे बिजली भी गिरी। इससे न्यू इंद्रानगर के पीछे स्थित सिद्देश्वर का पहाड़ फट गया। कुछ घरों के विद्युत उपकरण फुंक गए। बारिश के साथ-साथ शहर में ग्वालियर रोड, सीपरी बाजार, मेडिकल कॉलेज समेत कई इलाकों में शाम चार बजे के आसपास छोटे-छोटे ओले भी गिरे। इसके अलावा मोंठ तहसील क्षेत्र में सुबह लगभग 8:05 बजे बेर के आकार के ओेले गिरे। पूंछ, बम्हरौली, टांडा, जौरा, सेना, बुढ़ावली, बसोवई, लावन, टोड़ी, रेव, भरोसा, अटरिया, पाड़री, अमरा, कुम्हरिया, पथर्रा, कुम्हरार, निमोनिया समेत कई गांवों में ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। सबसे ज्यादा नुकसान मसूर की फसल में बताया जा रहा है। काशीपुरा, चितगुवां, जरहाकलां एवं खकल में नुकसान का आकलन किया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई है।
चली हवाएं, बढ़ी ठंड
बारिश से अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 24 पर पहुंच गया। न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहा। आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलने से वातावरण में ठंडक बढ़ गई। गर्म कपड़े पहने होने के बावजूद लोगों की कंपकंपी छूटती रही।
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रविवार को मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आने से जिले में हल्की बारिश के साथ-साथ ओले भी गिरे। बिजली गिरने से घरों के विद्युत उपकरण फुंक गए और न्यू इंद्रानगर के पीछे स्थित सिद्देश्वर का पहाड़ फट गया। पत्थर के छोटे, बड़े टुकड़े काफी दूर जाकर गिरे। घर के छतों पर खड़ी कुछ महिलाओं को हल्की चोटें भी आईं।
पिछले तीन-चार दिनों से मौसम में ठंडक लौटी थी। मौसम विभाग ने बारिश का पूर्वानुमान भी जताया था। रविवार को यह सही साबित हुआ। सुबह से ही आसमान में बादल घिरे रहे। बीच-बीच में कुछ देर के लिए ही सूरज निकला। सुबह साढ़े आठ बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ देर बाद बंद हो गई। इसके बाद साढ़े दस बजे फिर से बूंदाबांदी होने लगी। 15-20 मिनट बाद फिर रुक गई। दोपहर तीन बजे से फिर कुछ देर के लिए बूंदे गिरीं। इसके बाद भी रात तक बीच-बीच में रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। वहीं, दोपहर साढ़े तीन बजे बिजली भी गिरी। इससे न्यू इंद्रानगर के पीछे स्थित सिद्देश्वर का पहाड़ फट गया। कुछ घरों के विद्युत उपकरण फुंक गए। बारिश के साथ-साथ शहर में ग्वालियर रोड, सीपरी बाजार, मेडिकल कॉलेज समेत कई इलाकों में शाम चार बजे के आसपास छोटे-छोटे ओले भी गिरे। इसके अलावा मोंठ तहसील क्षेत्र में सुबह लगभग 8:05 बजे बेर के आकार के ओेले गिरे। पूंछ, बम्हरौली, टांडा, जौरा, सेना, बुढ़ावली, बसोवई, लावन, टोड़ी, रेव, भरोसा, अटरिया, पाड़री, अमरा, कुम्हरिया, पथर्रा, कुम्हरार, निमोनिया समेत कई गांवों में ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। सबसे ज्यादा नुकसान मसूर की फसल में बताया जा रहा है। काशीपुरा, चितगुवां, जरहाकलां एवं खकल में नुकसान का आकलन किया गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को भी बारिश की संभावना जताई है।
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चली हवाएं, बढ़ी ठंड
बारिश से अधिकतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 24 पर पहुंच गया। न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस रहा। आठ किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलने से वातावरण में ठंडक बढ़ गई। गर्म कपड़े पहने होने के बावजूद लोगों की कंपकंपी छूटती रही।
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