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रेलवे की विभागीय परीक्षा में चपरासी करा रहा था नकल
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झांसी। रेलवे विभाग में सहायक परिचालन प्रबंधक के चार पदों को भरने के लिए कराई गई विभागीय परीक्षा में चपरासी नकल करा रहा था। झांसी के एक वरिष्ठ अधिवक्ता द्वारा की गई शिकायत के बाद जांच में यह मामला खुलकर सामने आ गया। रेल प्रशासन ने परीक्षा को निरस्त कर दिया है। साथ ही चार कर्मचारियों को चार्जशीट थमा दी गई है। यह परीक्षा में पूर्व में भी एक बार निरस्त हो चुकी है।
विगत आठ सितंबर 2019 को उत्तर मध्य रेल प्रशासन ने सहायक परिचालन प्रबंधक के चार पदों को भरने के लिए विभागीय लिखित परीक्षा का आयोजन प्रयागराज के सुबेदारगंज स्थित इंजीनियरिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में किया था। झांसी में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर तैनात रहे एक अधिकारी को परीक्षा समन्वयक बनाया गया था। कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। छह नवंबर को जारी परिणाम में मुख्यालय के तीन व झांसी, इलाहाबाद, आगरा मंडल के एक- एक कर्मचारी को उत्तीर्ण किया गया।
परिणाम आने के बाद उक्त परीक्षा को लेकर झांसी के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने रेलवे बोर्ड, उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, विजिलेंस को शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि चपरासी ने मुख्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी को नकल करवाई। वह परीक्षा अवधि में नौ दफा कर्मचारी के पास गया। राजभाषा का एक प्रश्न 15 नंबर का पूछा जाना चाहिए था, वह 10 नंबर का पूछा गया। उत्तर पुस्तिका पर मोहर व नंबरिंग नहीं थी, जिससे परीक्षा आयोजनकर्ता द्वारा की गई कमियों की अदला बदली प्रमाणित होती है। इन्हीं सब शिकायतों के चलते परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। साथ ही कक्ष प्रभारी, संबंधित कर्मचारी, चपरासी समेत चार को चार्जशीट थमा दी गई है। यह मामला कर्मचारियों के बीच चर्चा में बना हुआ है।
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विगत आठ सितंबर 2019 को उत्तर मध्य रेल प्रशासन ने सहायक परिचालन प्रबंधक के चार पदों को भरने के लिए विभागीय लिखित परीक्षा का आयोजन प्रयागराज के सुबेदारगंज स्थित इंजीनियरिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में किया था। झांसी में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक के पद पर तैनात रहे एक अधिकारी को परीक्षा समन्वयक बनाया गया था। कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। छह नवंबर को जारी परिणाम में मुख्यालय के तीन व झांसी, इलाहाबाद, आगरा मंडल के एक- एक कर्मचारी को उत्तीर्ण किया गया।
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परिणाम आने के बाद उक्त परीक्षा को लेकर झांसी के एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने रेलवे बोर्ड, उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, विजिलेंस को शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि चपरासी ने मुख्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी को नकल करवाई। वह परीक्षा अवधि में नौ दफा कर्मचारी के पास गया। राजभाषा का एक प्रश्न 15 नंबर का पूछा जाना चाहिए था, वह 10 नंबर का पूछा गया। उत्तर पुस्तिका पर मोहर व नंबरिंग नहीं थी, जिससे परीक्षा आयोजनकर्ता द्वारा की गई कमियों की अदला बदली प्रमाणित होती है। इन्हीं सब शिकायतों के चलते परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। साथ ही कक्ष प्रभारी, संबंधित कर्मचारी, चपरासी समेत चार को चार्जशीट थमा दी गई है। यह मामला कर्मचारियों के बीच चर्चा में बना हुआ है।
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