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ओवरब्रिज: सेतु निगम ने खड़े किए 18 पिलर, रेलवे ने तो काम भी शुरू ही नहीं किया

Sat, 30 Jul 2022 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 01:15 AM IST
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railway over bridge
railway over bridge - फोटो : REPORTERS
झांसी। ग्वालियर रोड रेलवे क्रासिंग पर निर्माणाधीन आरओबी का काम रेलवे की वजह से पिछड़ने लगा है। रेलवे को अभी यहां फाउंडेशन समेत अन्य कार्य प्रारंभ करा देने थे लेकिन उसने यह काम अभी शुरू ही नहीं कराया। रेलवे को यह काम आरंभ करने के लिए कई पत्र भी भेजे जा चुके लेकिन, रेल प्रशासन की नींद टूट नहीं रही है। काम समय पर पूरा न होने से आरओबी की पहली लेन मार्च तक खुल पाना संभव नहीं दिखाई पड़ रहा।
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ग्वालियर रोड पर स्थित इस ओवर ब्रिज का निर्माण दिसंबर में आरंभ हुआ। कुल 994.433 मीटर लंबे इस ओवर ब्रिज के लिए 27 पिलर बनाए जाने हैं। दो अलग-अलग लेन के लिए 8 पिलर बनाने के साथ आरओबी का 75 मीटर चौड़ा हिस्सा रेलवे बनाएगा जबकि बाकी सेतु निगम को बनाना है। अभियंताओं का कहना है ग्वालियर रोड के ट्रैफिक को देखते हुए दोनों लेन अलग-अलग समय में पूरा करने की बात तय हुई। पहली लेन मार्च में चालू कर देने के बाद दूसरी लेन का निर्माण आरंभ होना था। पहली लेन के लिए सेतु निगम ने 18 पिलर तकरीबन तैयार कर दिए। अब सेतु निगम पिलर बाइडिंग समेत अन्य कार्य में जुटा है वहीं, रेलवे अभी फाउंडेशन बनाने जैसे प्राइमरी काम तक शुरू नहीं कर सका। चार फाउंडेशन तैयार करने के बाद उसे गार्डर लांच समेत अन्य काम कराने होंगे। इसको पूरा करने में न्यूनतम पांच महीने का समय लगेगा। रेलवे का काम पूरा होने के तीन महीने बाद पहली लेन खोली जा सकेगी। सेतु निगम अभियंताओं का कहना है अगर समय पर रेलवे ने काम शुरू नहीं किया तब मार्च में ट्रैफिक खोलना संभव नहीं हो पाएगा। रेलवे को समय पर काम शुरू करने के लिए जिलाधिकारी की ओर से भी पत्र भेजा गया है। उधर, झांसी रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है रेलवे ने भी आरओबी संबंधी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। फाउंडेशन बनाने का काम बहुत जल्द ही आरंभ हो जाएगा।
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24 घंटे में 80 बार बंद होती है क्रासिंग
झांसी-कानपुर मार्ग के अधिकांश हिस्से के दोहरीकरण के बाद से इस पर रेल यातायात काफी बढ़ गया है। अब 24 घंटे में क्रासिंग कम से कम 80 बार बंद होती है। इस मार्ग पर प्रतिदिन 50 सवारी एवं 30 मालगाड़ी गुजरतीं हैं। दूसरा, उन्नाव- बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने से यहां वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। इन दोनों वजह से इस क्रासिंग पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
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इस तरह होगा ओवरब्रिज का निर्माण
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- पुल की कुल लागत 102.73 करोड़ है। इसमें रेलवे को 22 करोड़ की हिस्सेदारी करनी है।
- आरओबी दो अलग-अलग लेन का होगा। आने एवं जाने के लिए अलग-अलग लेन होगी। दोनों की भीतरी चौड़ाई करीब साढ़े सात मीटर होगी। होगा।
- पुलकी कुल लंबाई 994.433 मीटर है। पटरियों के ऊपर 75 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे को करना होगा।
- पटरियों के ऊपर अधिकतम ऊंचाई 11 मीटर होगी।
- पुल निर्माण के दौरान दोनों तरफ पौने चार- पौने चार मीटर की दो सर्विस रोड बनाईं जाएंगी।
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