रेलवे ने झांसी व ललितपुर स्टेशन से 11 मई से अभी तक 34 श्रमिक ट्रेनें चलाईं, जिनसे 40 हजार से अधिक मजदूर व कामगारों प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने का काम किया गया। रेलवे 11 मई के बाद से लगातार श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कर रहा है। इन ट्रेनों में रक्सा व चिरुला बॉर्डर पर रोके गए मजदूर व कामगारों को गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, फतेहपुर, प्रयागराज स्टेशनों तक पहुंचाने का काम किया गया। इसी तरह दक्षिण भारत, महाराष्ट्र, गुजरात से आने वाली श्रमिक एक्सप्रेस गाड़ियों के आने का सिलसिला जारी है। अकेले 22 मई को 79 ट्रेनें गुजरीं, जिनमें 48 गाड़ियां कानपुर की तरफ रवाना हुईं। साथ ही 23 मई को दूसरी जगह से आईं श्रमिक ट्रेनों से झांसी, ग्वालियर, बांदा, छतरपुर, टीकमगढ़ व उरई स्टेशन पर पांच हजार से अधिक प्रवासी उतरे। यह लोग साबरमती, सूरत, अहमदाबाद, पालनपुर, गोधरा, वीरमगाम, मेहसाणा, मोरबी, अंजार, नवसारी, दाहोद, बड़ोदरा, सुरेंद्र नगर, कान्हानगढ़, जूनागढ़, कुरनूल, अंकलेश्वर, बंगलूरू, पुणे, नई दिल्ली, रेवाडी, रोहतक, गुड़गांव, फिरोजपुर, लुधियाना, थिविम, कोपरगांव, जोधपुर, कोल्हापुर, बोरीवली, भरुच, कटरा, संबलपुर, घाटकोटर, उदयपुर से स्थानों र्से आए।