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हवाई जहाज की तर्ज पर रेल इंजनों में रिकार्ड होगी चालकों की बातचीत
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झांसी। हवाई जहाज की तर्ज पर अब रेलवे इंजन भी हाईटेक होने जा रहे हैं। ट्रेन परिचालन के दौरान लोको पायलट (चालक) की बातचीत व हर गतिविधि की रिकार्डिंग होगी। इंजनों के अंदर क्रू वाइस एंड वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम (सीवीवीआरएस) सिस्टम लगेंगे। शुरुआत में झांसी के 175 इंजनों में यह सिस्टम लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
रेल यात्रा को सुरक्षित और हादसों के बाद जांच को आसान बनाने के लिए हवाई जहाज के ब्लैक बॉक्स की तर्ज पर ट्रेनों को सुरक्षित रखने की तैयाराी शुरू कर दी गई है। इंजनों में क्रू वाइस एंड वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम (सीवीवीआरएस) सिस्टम लगाकर पैनी नजर रखी जाएगी। ड्यूटी दौरान अगर इंजन पर तैनात लोकोपायलट को एक झपकी भी आई तो अलार्म भी बज जाएगा। रेलवे के संरक्षा उपायों के क्रम में लोकोपायलट की तरफ से होने वाली चूक को रोकने के मकसद से रेलवे को हाईटेक सिस्टम से लैस किया जा रहा है।
यह सिस्टम लोको पायलट की हर गतिविधि की ऑडियो व वीडियो रिकार्डिंग करेगा। अभी यह सिस्टम विमान में होता है। रेलवे के इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य ट्रेन हादसों पर नियंत्रण पाना है। यह माना जा रहा है कि ऐसा करने से लोको पायलट का पूरा ध्यान ट्रेन के परिचालन पर होगा। जिससे मानवीय भूल से होने वाले हादसे नहीं होंगे। तकनीकी वजह से होने वाले हादसों की जांच में भी मदद मिलेगी। वहीं, परिचालन में लापरवाही बरतने वाले पायलट कार्रवाई के दायरे में लिए जा सकेंगे। झांसी के 175 इंजनों में सिस्टम लगाने पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही यह सिस्टम इन इंजनों में लगा दिए जाएंगे।
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इन सुविधाओं से लैस होंगे इंजन
इस सिस्टम में वीडियो कैमरा, माइक्रोफोन एवं वीडियो रिकॉर्डर और बाहर एक अलार्म भी होगा। जो इंजन के केबिन में लगाया जाएगा। एलसीवीआर इंजन में लोकोपायलट एवं उसके सहायक के बीच के वार्तालाप को भी सुनने के साथ रिकॉर्ड भी करेगा।
मंडलों के इंजनों में सीवीवीआरएस सिस्टम लगाने शुरू कर दिए हैं। इस सिस्टम के लगने से हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। इस सिस्टम को आगे चलकर आग लगने की स्थिति में भी सुरक्षित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी
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रेल यात्रा को सुरक्षित और हादसों के बाद जांच को आसान बनाने के लिए हवाई जहाज के ब्लैक बॉक्स की तर्ज पर ट्रेनों को सुरक्षित रखने की तैयाराी शुरू कर दी गई है। इंजनों में क्रू वाइस एंड वीडियो रिकार्डिंग सिस्टम (सीवीवीआरएस) सिस्टम लगाकर पैनी नजर रखी जाएगी। ड्यूटी दौरान अगर इंजन पर तैनात लोकोपायलट को एक झपकी भी आई तो अलार्म भी बज जाएगा। रेलवे के संरक्षा उपायों के क्रम में लोकोपायलट की तरफ से होने वाली चूक को रोकने के मकसद से रेलवे को हाईटेक सिस्टम से लैस किया जा रहा है।
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यह सिस्टम लोको पायलट की हर गतिविधि की ऑडियो व वीडियो रिकार्डिंग करेगा। अभी यह सिस्टम विमान में होता है। रेलवे के इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य ट्रेन हादसों पर नियंत्रण पाना है। यह माना जा रहा है कि ऐसा करने से लोको पायलट का पूरा ध्यान ट्रेन के परिचालन पर होगा। जिससे मानवीय भूल से होने वाले हादसे नहीं होंगे। तकनीकी वजह से होने वाले हादसों की जांच में भी मदद मिलेगी। वहीं, परिचालन में लापरवाही बरतने वाले पायलट कार्रवाई के दायरे में लिए जा सकेंगे। झांसी के 175 इंजनों में सिस्टम लगाने पर काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही यह सिस्टम इन इंजनों में लगा दिए जाएंगे।
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इन सुविधाओं से लैस होंगे इंजन
इस सिस्टम में वीडियो कैमरा, माइक्रोफोन एवं वीडियो रिकॉर्डर और बाहर एक अलार्म भी होगा। जो इंजन के केबिन में लगाया जाएगा। एलसीवीआर इंजन में लोकोपायलट एवं उसके सहायक के बीच के वार्तालाप को भी सुनने के साथ रिकॉर्ड भी करेगा।
मंडलों के इंजनों में सीवीवीआरएस सिस्टम लगाने शुरू कर दिए हैं। इस सिस्टम के लगने से हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। इस सिस्टम को आगे चलकर आग लगने की स्थिति में भी सुरक्षित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी