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जनता को हादसों से बचाने के लिए धन नहीं
ब्यूरो
Updated Mon, 30 Nov 2015 12:28 AM IST
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झांसी। जिले की सड़कों पर परिवहन विभाग द्वारा 14 दुर्घटना बाहुल्य स्थान चिह्नित किए गए हैं। विभाग की इन स्थानों पर दुर्घटना से बचाव के उपाय विकसित करने की योजना है। लेकिन, धन के अभाव में दो साल से प्रस्ताव लटका है।
परिवहन विभाग द्वारा मेडिकल कालेज गेट के सामने, भगवंतपुरा, जीवनशाह तिराहा, अमरा मोंठ, बस स्टैंड, घुघुआ बरुआसागर, बनगुआ बरुआसागर, ढेरी पुलिया पूंछ, सिकंदरा पूंछ, खड़ैनी तिराहा एरच, लुहारी तिराहा सकरार, सकरार तिराहा सकरार, चिरगांव तिराहा चिरगांव व बंगरा उल्दन को दुर्घटना बाहुल्य स्थानों के रूप में चिह्नित किया गया है।
यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विभाग द्वारा इन स्थानों को ब्लैक स्पॉट का नाम दिया गया है। इन स्थानों पर तथा इनके आगे-पीछे संकेतक लगाने की योजना है, ताकि वाहन चालक दूर से ही सतर्क हो जाएं और हादसों को रोका जा सके। संकेतकों पर नजदीकी पुलिस थाना, एंबुलेंस व चिकित्सा केंद्र का नाम भी दर्शाया जाना है। सड़क पर कैट्स आई लगाने की भी योजना है। इसके लिए परिवहन आयुक्त से उन्नीस लाख रुपये का बजट मांगा गया था। लेकिन, अब तक इसके लिए बजट का आवंटन नहीं किया गया है।
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कोट-
बजट के अभाव में ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए काम नहीं हो पा रहा है। बजट के लिए डीएम भी पत्र लिख चुके हैं, परंतु आवंटन नहीं हुआ है।
- संजय सिंह, आरटीओ
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परिवहन विभाग द्वारा मेडिकल कालेज गेट के सामने, भगवंतपुरा, जीवनशाह तिराहा, अमरा मोंठ, बस स्टैंड, घुघुआ बरुआसागर, बनगुआ बरुआसागर, ढेरी पुलिया पूंछ, सिकंदरा पूंछ, खड़ैनी तिराहा एरच, लुहारी तिराहा सकरार, सकरार तिराहा सकरार, चिरगांव तिराहा चिरगांव व बंगरा उल्दन को दुर्घटना बाहुल्य स्थानों के रूप में चिह्नित किया गया है।
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यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। विभाग द्वारा इन स्थानों को ब्लैक स्पॉट का नाम दिया गया है। इन स्थानों पर तथा इनके आगे-पीछे संकेतक लगाने की योजना है, ताकि वाहन चालक दूर से ही सतर्क हो जाएं और हादसों को रोका जा सके। संकेतकों पर नजदीकी पुलिस थाना, एंबुलेंस व चिकित्सा केंद्र का नाम भी दर्शाया जाना है। सड़क पर कैट्स आई लगाने की भी योजना है। इसके लिए परिवहन आयुक्त से उन्नीस लाख रुपये का बजट मांगा गया था। लेकिन, अब तक इसके लिए बजट का आवंटन नहीं किया गया है।
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कोट-
बजट के अभाव में ब्लैक स्पॉट के सुधार के लिए काम नहीं हो पा रहा है। बजट के लिए डीएम भी पत्र लिख चुके हैं, परंतु आवंटन नहीं हुआ है।
- संजय सिंह, आरटीओ