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तीन नए कानूनों के खिलाफ किसानों ने उठाई आवाज
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समस्याओं को लेकर कचहरी के गांधी उद्यान में धरना देते किसान।
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झांसी। केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए तीन नए कानूनों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया और इसे तत्काल खत्म करने की मांग की। आंदोलित किसानों ने अपनी एक दर्जन अन्य मांगों को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
गांधी पार्क में आयोजित धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव प्रताप सिंह बुुंदेला ने कहा कि बुंदेलखंड का किसान पिछले कई वर्षों से बदहाली झेल रहा है। बड़ी संख्या में किसान इस वजह से आत्महत्या कर रहे लेकिन, सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। एमएसपी की छतरी भी सरकार उनसे छीनने का काम कर रही है।
वरिष्ठ नेता शिवनारायण सिंह परिहार ने नए कानूनों की निंदा करते हुए इसे तत्काल वापस लिए जाने की जरूरत बताई। कहा, नए कानून किसानों को उनके ही खेत में मजदूर बना देने की साजिश है। उन्होंने इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करने की जरूरत बताई। उन्होंने ट्यूबवेल मामला सुलझाने, किसानों को बीमा का भुगतान भी कराने की मांग की। इस दौरान शेखर राज बड़ौनिया, रामाधार निषाद, नंदराम खंगार, प्यारेलाल बेधड़क, रामचंद्र अहिरवार, नीलेश प्रताप, किशोरीलाल, नत्थू सिंह, विवेक सिंह, सर्वेश कुमार समेत अन्य किसान उपस्थित रहे।
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गांधी पार्क में आयोजित धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय महासचिव प्रताप सिंह बुुंदेला ने कहा कि बुंदेलखंड का किसान पिछले कई वर्षों से बदहाली झेल रहा है। बड़ी संख्या में किसान इस वजह से आत्महत्या कर रहे लेकिन, सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। एमएसपी की छतरी भी सरकार उनसे छीनने का काम कर रही है।
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वरिष्ठ नेता शिवनारायण सिंह परिहार ने नए कानूनों की निंदा करते हुए इसे तत्काल वापस लिए जाने की जरूरत बताई। कहा, नए कानून किसानों को उनके ही खेत में मजदूर बना देने की साजिश है। उन्होंने इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करने की जरूरत बताई। उन्होंने ट्यूबवेल मामला सुलझाने, किसानों को बीमा का भुगतान भी कराने की मांग की। इस दौरान शेखर राज बड़ौनिया, रामाधार निषाद, नंदराम खंगार, प्यारेलाल बेधड़क, रामचंद्र अहिरवार, नीलेश प्रताप, किशोरीलाल, नत्थू सिंह, विवेक सिंह, सर्वेश कुमार समेत अन्य किसान उपस्थित रहे।
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