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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में प्रवेश दिलाने के नाम पर छात्र से ठगी, कर्मचारी निलंबित
Tue, 05 Jan 2021 02:11 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 02:11 AM IST
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के बीएससी कृषि विज्ञान विभाग में प्रवेश के नाम पर पैसे लेने के आरोप में एकेडमिक विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। कर्मचारी को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। मामले की जांच के लिए भी जल्द कमेटी का गठन किया जाएगा।
टीकमगढ़ के पीयूष साहू ने एकेडमिक विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि बीएससी कृषि विज्ञान विभाग में प्रवेश दिलाने के नाम उसने 60 हजार रुपये लिए। इसके अलावा 30,500 रुपये की फीस जमा करने की एक रसीद भी उसे दे दी। आरोप है कि जब प्रवेश लेने के लिए छात्र कृषि विज्ञान विभाग पहुंचा तो सूची में नाम न होने का हवाला देते हुए उसे लौटा दिया गया। शिकायत मिलने पर कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने सिस्टम एनालिस्ट से जांच कराई गई तो रसीद फर्जी निकली।
छात्र की शिकायत के आधार पर कुलपति ने आरोपी कर्मचारी से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए। कर्मचारी ने अपने जवाब में सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। शिकायतकर्ता ने भी हलफनामा देकर कहा कि वह किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहता है। मगर बीयू प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। कुलसचिव नारायण प्रसाद ने बताया कि इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई है। आरोपी कर्मचारी हरी सिंह प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। इसी वजह से उसे निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच समिति गठित की जाएगी।
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टीकमगढ़ के पीयूष साहू ने एकेडमिक विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के खिलाफ दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि बीएससी कृषि विज्ञान विभाग में प्रवेश दिलाने के नाम उसने 60 हजार रुपये लिए। इसके अलावा 30,500 रुपये की फीस जमा करने की एक रसीद भी उसे दे दी। आरोप है कि जब प्रवेश लेने के लिए छात्र कृषि विज्ञान विभाग पहुंचा तो सूची में नाम न होने का हवाला देते हुए उसे लौटा दिया गया। शिकायत मिलने पर कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन ने सिस्टम एनालिस्ट से जांच कराई गई तो रसीद फर्जी निकली।
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छात्र की शिकायत के आधार पर कुलपति ने आरोपी कर्मचारी से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए। कर्मचारी ने अपने जवाब में सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया। शिकायतकर्ता ने भी हलफनामा देकर कहा कि वह किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहता है। मगर बीयू प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। कुलसचिव नारायण प्रसाद ने बताया कि इस घटना से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई है। आरोपी कर्मचारी हरी सिंह प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। इसी वजह से उसे निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच समिति गठित की जाएगी।
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