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आबादी बढ़ गई, नहीं बढ़े थाने
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झांसी। नगर निगम का दायरा बढ़ने के साथ शहरी आबादी कई गुना बढ़ गई, लेकिन आबादी के आधार पर शहरी इलाकों में थाने नहीं बढ़े। बीस साल पहले शहरी सीमा के भीतर जितने थाने थे, आज भी उनकी संख्या उतनी ही है। इस दौरान थानों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। कुछ जगहों पर पुलिस चौकी बनी है लेकिन, रिपोर्टिंग चौकी न होने से इसका फायदा लोगों को नहीं मिल पाता।
नगर निगम की उत्तरी सीमा राजगढ़ तक पहुंच चुकी। यह पूरा इलाका प्रेमनगर थाने के अंतर्गत आता है जो यहां से करीब बारह किलोमीटर दूर है। यही हाल नगर निगम सीमा में आज से बीस साल पहले शामिल हुए दूसरे इलाकों का है। बूढ़ा, मैरी, करारी जैसे इलाके सीपरी बाजार थाने के अंर्तगत आते हैं लेकिन, यह थाना भी यहां से करीब आठ-दस किलोमीटर दूर पड़ता है। भगवंतपुरा का पूरा इलाका सदर बाजार थाने में लगता है लेकिन, इसके भीतरी इलाके यहां से थाने से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर हैं। मानकों के मुताबिक 75 हजार की आबादी पर एक थाना बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक शहरी इलाके की आबादी 5,29,952 थी। इस लिहाज से सात थाने यहां होने चाहिए लेकिन, इस पूरी आबादी का भार सिर्फ चार थानों पर ही है। वर्ष 2021 में आबादी करीब 8 लाख के करीब पहुंच गई लेकिन, अभी भी थानों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ। दूर-दराज के इलाका होने से कोई वारदात होने पर पुलिस को घटना स्थल में पहुंचने पर काफी समय लग जाता है। पुलिस अफसरों का कहना है कि महानगर की तीन पुलिस चौकियों को थाने में बदलने का प्रस्ताव है लेकिन, यह शासन के पास ही लंबित है।
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नगर निगम की उत्तरी सीमा राजगढ़ तक पहुंच चुकी। यह पूरा इलाका प्रेमनगर थाने के अंतर्गत आता है जो यहां से करीब बारह किलोमीटर दूर है। यही हाल नगर निगम सीमा में आज से बीस साल पहले शामिल हुए दूसरे इलाकों का है। बूढ़ा, मैरी, करारी जैसे इलाके सीपरी बाजार थाने के अंर्तगत आते हैं लेकिन, यह थाना भी यहां से करीब आठ-दस किलोमीटर दूर पड़ता है। भगवंतपुरा का पूरा इलाका सदर बाजार थाने में लगता है लेकिन, इसके भीतरी इलाके यहां से थाने से करीब आठ किलोमीटर की दूरी पर हैं। मानकों के मुताबिक 75 हजार की आबादी पर एक थाना बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक शहरी इलाके की आबादी 5,29,952 थी। इस लिहाज से सात थाने यहां होने चाहिए लेकिन, इस पूरी आबादी का भार सिर्फ चार थानों पर ही है। वर्ष 2021 में आबादी करीब 8 लाख के करीब पहुंच गई लेकिन, अभी भी थानों की संख्या में कोई इजाफा नहीं हुआ। दूर-दराज के इलाका होने से कोई वारदात होने पर पुलिस को घटना स्थल में पहुंचने पर काफी समय लग जाता है। पुलिस अफसरों का कहना है कि महानगर की तीन पुलिस चौकियों को थाने में बदलने का प्रस्ताव है लेकिन, यह शासन के पास ही लंबित है।
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