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सोच समझ कर करें ‘लाइक, कमेंट, पोस्ट और शेयर’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2017 12:47 AM IST
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सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले लोग किसी भी मेसेज को पोस्ट, लाइक, शेयर या कमेंट सोच समझकर करें। विधानसभा चुनावों के कारण पुलिस की सर्विलांस टीम सोशल मीडिया पर आने वाले मेसेजों पर अपनी निगाह लगाए हुए है। चुनाव आयोग से मिले साफ्टवेयर से निगरानी कर रही पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक मेेसेज करने वाले बीस लोगों को चिह्नित किया है, अभी संबंधित थाने की पुलिस से इन पर निगाह रखने के लिए कहा गया है।
विधानसभा चुनाव में सोशल मीडिया लोगों को भड़काने का मंच नहीं बन पाए, इसके लिए चुनाव आयोग ने पुलिस को एक सॉफ्टवेयर दिया है। इस सॉफ्टवेयर से पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी रख सकेगी। अधिकारियों को उनके रैंक के हिसाब से सॉफ्टवेयर मिला है, जिसके माध्यम से एसएसपी जिला स्तर, डीआईजी रेंज, आईजी जोन और डीजीपी प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया पर नजर रख सकेंगे। यह सॉफ्टवेयर फेसबुक, व्हाट्सऐप व अन्य सोशल एप्लीकेशन पर आने वाले मेसेजों की स्क्रूटनी करेगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया ने इन मेसेजों की स्क्रूटनी के लिए सर्विलांस की तीन सदस्यीय टीम लगाई है। ये टीम चौबीसों घंटे सोशल मीडिया पर आने वाले मेसेजों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। टीम ने जिले के 20 ऐसे लोगों को चिह्नित किया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर चुनाव संबंधी आपत्तिजनक मेसेज या तो पोस्ट किए हैं या उन्हें लाइक, शेयर किया है। इन लोगों की जानकारी संबंधित थानों की पुलिस और एलआईयू को देकर उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा है।
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कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाएगा। इन पर नजर रखी जा रही है। इसमें थाना पुलिस के साथ - साथ खुफिया टीम को भी लगाया गया है।
डा. जंगबहादुर यादव, सीओ सिटी।
सुझाव
- यदि कोई सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी कर उसमें आपको टैग करे तो स्वयं रिमूव हो जाएं।
- भड़काऊ टिप्पणी पर कमेंट नहीं करें अन्यथा आप भी उसमें शामिल हो जाएंगे।
- किसी अनजान और नए ग्रुप में शामिल नहीं हो, खास तौर से ऐसे, जिसके एडमिन से आप परिचित नहीं हों।
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विधानसभा चुनाव में सोशल मीडिया लोगों को भड़काने का मंच नहीं बन पाए, इसके लिए चुनाव आयोग ने पुलिस को एक सॉफ्टवेयर दिया है। इस सॉफ्टवेयर से पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी रख सकेगी। अधिकारियों को उनके रैंक के हिसाब से सॉफ्टवेयर मिला है, जिसके माध्यम से एसएसपी जिला स्तर, डीआईजी रेंज, आईजी जोन और डीजीपी प्रदेश स्तर पर सोशल मीडिया पर नजर रख सकेंगे। यह सॉफ्टवेयर फेसबुक, व्हाट्सऐप व अन्य सोशल एप्लीकेशन पर आने वाले मेसेजों की स्क्रूटनी करेगा।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया ने इन मेसेजों की स्क्रूटनी के लिए सर्विलांस की तीन सदस्यीय टीम लगाई है। ये टीम चौबीसों घंटे सोशल मीडिया पर आने वाले मेसेजों पर लगातार नजर रखे हुए हैं। टीम ने जिले के 20 ऐसे लोगों को चिह्नित किया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर चुनाव संबंधी आपत्तिजनक मेसेज या तो पोस्ट किए हैं या उन्हें लाइक, शेयर किया है। इन लोगों की जानकारी संबंधित थानों की पुलिस और एलआईयू को देकर उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने को कहा है।
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कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इनके खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाएगा। इन पर नजर रखी जा रही है। इसमें थाना पुलिस के साथ - साथ खुफिया टीम को भी लगाया गया है।
डा. जंगबहादुर यादव, सीओ सिटी।
सुझाव
- यदि कोई सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी कर उसमें आपको टैग करे तो स्वयं रिमूव हो जाएं।
- भड़काऊ टिप्पणी पर कमेंट नहीं करें अन्यथा आप भी उसमें शामिल हो जाएंगे।
- किसी अनजान और नए ग्रुप में शामिल नहीं हो, खास तौर से ऐसे, जिसके एडमिन से आप परिचित नहीं हों।